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Chainpur : चैनपुर प्रखंड के रामपुर महुआ टोली गांव के किसान रूबेन खलखो की मेहनत की फसल पर जंगली जानवरों ने हमला कर दिया। रूबेन खलखो की लगभग पांच एकड़ में लगी मकई की फसल में से लगभग एक एकड़ पूरी तरह से जंगली सुअरों के कारण बर्बाद हो गई। सुअरों ने न केवल फसल खाई बल्कि रौंदकर उसे नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा, तोतों के झुंड ने भी कुछ फसल को नुकसान पहुँचाया है।
किसान रूबेन खलखो ने बताया कि उन्होंने अपनी फसल की देखभाल और खेती में काफी मेहनत की थी। उन्होंने इस खेत में पूरी तैयारी के साथ मकई की खेती की थी, लेकिन जंगली सुअरों की इस हमले ने उनकी आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। यह नुकसान उनके लिए मानसिक और आर्थिक दोनों तरह का भारी झटका है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने तुरंत वन विभाग से संपर्क किया। उन्होंने वनपाल चंद्रेश उरांव को स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद मेरी लकड़ा और वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंचे और किसान के खेत का मुआयना किया। टीम ने नुकसान का जायजा लिया और किसान रूबेन खलखो से मुआवजे के लिए आवेदन लिया।
क्षेत्र के अन्य किसान भी इस घटना से चिंतित हैं, क्योंकि जंगली जानवरों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने सरकार और वन विभाग से जल्द से जल्द उचित मुआवजा देने और इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
वन विभाग और जिला परिषद के अधिकारियों ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है। उनका कहना है कि किसानों के फसलों की सुरक्षा के लिए विभिन्न उपायों पर विचार किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं कम से कम हों और किसानों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
रूबेन खलखो और अन्य किसान उम्मीद कर रहे हैं कि वन विभाग और सरकार उनकी फसल के नुकसान का उचित मुआवजा देंगे। उन्होंने कहा कि सिर्फ मुआवजा ही नहीं बल्कि जंगली जानवरों और कृषि क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए स्थायी कदम उठाना बेहद जरूरी है।

