Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सीएम नीतीश कुमार ने राज्यवासियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मिलने वाली राशि में करीब तीन गुना बढ़ोतरी की घोषणा की है। अब राज्य के वृद्धजन, विधवा महिलाएं और दिव्यांगजनों को प्रति माह ₹400 की जगह ₹1100 पेंशन दी जाएगी।
नीतीश कुमार ने इस फैसले की जानकारी शनिवार को अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर दी। उन्होंने कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत सभी विधवा महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को हर महीने ₹1100 पेंशन मिलेगी। यह नई दर जुलाई महीने से लागू होगी और पेंशन की राशि हर महीने की 10 तारीख को लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।”
मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत सभी वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं को अब हर महीने 400 रु॰ की जगह 1100 रु॰ पेंशन मिलेगी। सभी लाभार्थियों को जुलाई महीने से पेंशन बढ़ी हुई दर पर मिलेगी। सभी लाभार्थियों के खाते में यह राशि महीने की 10…
— Nitish Kumar (@NitishKumar) June 21, 2025
इस योजना से अब 1 करोड़ 9 लाख 69 हजार 255 लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। सीएम ने कहा कि वृद्धजन समाज का अनमोल हिस्सा हैं और उनका सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार भविष्य में भी इस दिशा में लगातार प्रयास करती रहेगी।
साल 2022-23 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में लगभग 42.60 लाख वृद्धजन इस योजना से लाभान्वित हो रहे थे। तब 60 से 79 वर्ष की आयु के लोगों को ₹400 और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र वालों को ₹500 प्रति माह पेंशन दी जा रही थी। अब इस राशि में भारी बढ़ोतरी की गई है।
पेंशन की बढ़ी हुई राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और सभी पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सकेगा।
उपसीएम विजय सिन्हा ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय करोड़ों जरूरतमंदों के जीवन में आर्थिक सहारा बनकर आएगा। उन्होंने इसे जनहित में लिया गया ऐतिहासिक कदम बताया और सीएम नीतीश कुमार को इसके लिए धन्यवाद दिया।
इस घोषणा को चुनावी मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य के बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग वर्ग सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं, जो किसी भी सरकार के लिए एक बड़ा वोट बैंक होते हैं।



