Health News: डायबिटीज को मैनेज करने के लिए केवल दवाइयों पर निर्भर रहना काफी नहीं है, बल्कि इसके लिए पूरे लाइफस्टाइल में सुधार की आवश्यकता होती है। खासकर बढ़ती उम्र में इसका खतरा और बढ़ जाता है, ऐसे में पैरेंट्स की हेल्थ को लेकर कुछ छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपके माता-पिता को डायबिटीज है, तो उनकी दिनचर्या में तीन जरूरी चीजें जरूर शामिल करें। सबसे पहले ध्यान देने वाली बात यह है कि पैरेंट्स अपने दिन की शुरुआत चाय और बिस्किट से न करें। अक्सर लोग मीठी चाय के साथ बिस्किट खाने की आदत बना लेते हैं, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद नुकसानदेह है। यदि उन्हें मीठी चाय की आदत है तो शुगर-फ्री स्वीटनर्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, बिस्किट की जगह प्रोटीन और फाइबर से भरपूर हेल्दी नाश्ता कराना ज्यादा फायदेमंद होगा। सुबह का नाश्ता दिन की सबसे जरूरी मील मानी जाती है और इसका असर पूरे दिन की सेहत पर पड़ता है। दूसरी अहम बात है रोजाना वॉक करना। डायबिटीज के मरीजों को हर दिन कम से कम आधा घंटा जरूर पैदल चलना चाहिए। अगर ज्यादा देर वॉक करना मुश्किल लगे तो इसे 15-15 मिनट में बांटा जा सकता है एक बार लंच के बाद और दूसरी बार डिनर के बाद।
यह आदत खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल को अचानक बढ़ने से रोकती है और पैनक्रियाज को भी आराम देती है। इसके लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है, घर के भीतर थोड़ी चहलकदमी भी काफी है। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण पहलू है नींद। डायबिटीज के मरीजों के लिए 7 से 8 घंटे की अच्छी और पूरी नींद लेना बेहद जरूरी है। पर्याप्त नींद न मिलने पर शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है और अगले दिन ज्यादा खाने की इच्छा होती है, जिससे शुगर का स्तर नियंत्रण से बाहर हो सकता है। नींद पूरी होने पर पैनक्रियाज को भी आराम मिलता है और शरीर बेहतर तरीके से शुगर को मैनेज कर पाता है।



