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Home»Social/Interesting»पक्षी पेशाब क्यों नहीं करते? उनकी पॉटी का बड़ा राज़ जानिए
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पक्षी पेशाब क्यों नहीं करते? उनकी पॉटी का बड़ा राज़ जानिए

By Samsul HaqueMarch 2, 20262 Mins Read
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New Delhi: क्या आपने कभी गौर किया है कि पक्षी इंसानों या अन्य जानवरों की तरह तरल पेशाब (Liquid Urine) नहीं करते? पक्षियों की पॉटी में दिखने वाला सफेद हिस्सा ही असल में उनका यूरिन होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, पक्षियों का यह ‘वॉटर-सेविंग सिस्टम’ (Water-saving system) उन्हें लंबे समय तक बिना पानी के ऊंची उड़ान भरने और शरीर को हल्का रखने में मदद करता है।

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इंसानों से कैसे अलग है पक्षियों का सिस्टम?: स्तनधारी जीवों (इंसानों) में किडनी खून से नाइट्रोजन को फिल्टर कर ‘यूरिया’ बनाती है, जो पेशाब के रूप में बाहर आता है। लेकिन पक्षियों में यह नाइट्रोजन यूरिक एसिड में बदल जाता है। यूरिक एसिड पानी में नहीं घुलता, इसलिए इसे शरीर से बाहर निकालने के लिए पानी की बहुत कम आवश्यकता होती है।

उड़ान के लिए ‘ब्लैडर-फ्री’ शरीर: पक्षियों में मूत्राशय यानी ब्लैडर (Bladder) नहीं होता। उड़ने वाले जीवों के लिए वजन को कम रखना सबसे जरूरी है। यदि उनके शरीर में तरल पेशाब जमा होता, तो उनका वजन बढ़ जाता और उड़ान भरना मुश्किल होता। इसलिए, यूरिक एसिड एक सफेद, गाढ़े पेस्ट के रूप में मल के साथ ही बाहर निकलता है।

क्लोआका: एक ही अंग से तीन काम: पक्षियों के शरीर में “क्लोआका” (Cloaca) नाम का एक ही अंग होता है। इसी एक अंग के माध्यम से पाचन, प्रजनन और उत्सर्जन (मल-मूत्र त्याग) की तीनों प्रक्रियाएं संपन्न होती हैं। पक्षियों की पॉटी में मौजूद:

  • सफेद हिस्सा: यूरिक एसिड (उनका यूरिन)।

  • काला या भूरा हिस्सा: ठोस मल।

98% पानी की बचत: ब्रिटानिका और नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम की रिसर्च के अनुसार, क्लोआका और किडनी मिलकर उत्सर्जन के दौरान आने वाले 90 से 98 प्रतिशत पानी को दोबारा शरीर में सोख लेते हैं। पानी बचाने की यह अद्भुत क्षमता ही पक्षियों को रेगिस्तान और कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने के योग्य बनाती है।

पशु-पक्षियों की दुनिया में विकास (Evolution) के ऐसे कई तथ्य हैं जो हमें यह सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि प्रकृति ने हर जीव को उसकी जरूरत के हिसाब से कितना सटीक बनाया है।

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