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India News: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा में चूक सामने आई है। गनीमत रहा कि समय रहते एक निजी एयरलाइंस के स्टाफ ने सुरक्षा में हुई चूक को पकड़ लिया, जिसके बाद आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने गुजरात मूल की दो युवतियों को टर्मिनल थ्री से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों युवतियों की पहचान निधीबेन पटेल (31) और कृपा (22) के तौर पर हुई है।
कम्प्यूटर पर बटन दबाते ही खुल गया राज, पासपोर्ट और वीजा निकले फर्जी
मीडिया रिपोर्ट में एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक जांच के दौरान पकड़ी गई दोनों युवतियों के पासपोर्ट और वीजा फर्जी निकले। दोनों युवतियां एयरपोर्ट की सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर टोरंटो जाने की कोशिश कर रही थी। यहां हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों युवतियों ने सफलतापूर्वक अपना चेकइन और इमिग्रेशन चेक की प्रक्रिया पूरी की। दोनों जगहों पर इन दोनों युवतियों का ना ही फर्जी पासपोर्ट पकड़ा गया और ना ही उनके फर्जी वीजा को लेकर किसी एजेंसी को पता चला।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह मामला 10 और 11 जून की रात का है। दोनों युवतियों जब टोरंटो जाने वाली फ्लाइट में बोर्ड होने वाली थी, ठीक उससे पहले एक एयरलाइन स्टाफ को दोनों पर शक हुआ। स्टाफ को यह देखकर हैरानी हुई कि आईबी के अंतर्गत आने वाली एजेंसी ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन से उन्हें हरी झंडी मिल गई। एयरलाइन स्टाफ एक बार फिर दोनों युवतियों का पासपोर्ट लेकर ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के काउंटर पर गया।
एयरलाइन स्टाफ के कहने पर जब ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के अफसरों ने पासपोर्ट की दोबारा जांच की। कंप्यूटर पर इंटर का बटन दबाते ही जो जानकारी सामने आई। उसने दोनों युवतियों के साथ ब्यूरो आफ इमिग्रेशन के अफसरों के पैरों तले जमीन खिसक गई। दोनों युवतियों को झटका लगा कि उनका भांडा फूट गया। वहीं ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के लिए चिंता इस बात की है कि फूलप्रूप सिस्टम के बावजूद दोनों युवतियां उनकी निगाह से कैसे बच गईं। जांच में दोनों युवतियों के पासपोर्ट और वीजा दोनों फर्जी निकले। जांच में पता चला कि बायोडाटा पेज पर फोटो तो दोनों महिलाओं की लगी थी, लेकिन वह पासपोर्ट किसी अन्य महिलाओं का था। इसके बाद ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने दोनों युवतियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस पूछताछ में दोनों युवतियों ने खुलासा कि पासपोर्ट उन्हें संदीप पटेल उर्फ पिंटू ने दिए थे। संदीप पटेल ने दोनों युवतियों को टोरंटो भेजने का भरोसा दिलाया था। एजेंट संदीप पटेल और दोनों युवतियों के बीच इस काम को लेकर 85 लाख रुपए में डील हुई थी। दोनों युवतियों ने पूछताछ में खुलासा कि डील के तहत 9 जून को दोनों को पहले अहमदाबाद से पुणे भेजा गया। वहां से बतौर ट्रांजिट पैसेंजर दिल्ली भेजा गया। एयरपोर्ट सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है कि दोनों युवतियों की इमिग्रेशन जांच दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर ही हुई थी।

