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Chaibasa News: जगन्नाथपुर इलाके में शनिवार सुबह से ही माहौल पूरी तरह तनाव से भरा दिखा। बेलपोसी गांव के दरोगा पुलिया के पास करीब 45 हाथियों का विशाल झुंड अचानक दिखाई दिया, जिसके बाद आसपास के गांवों में डर फैल गया। लोग अपना कामकाज छोड़कर सिर्फ एक ही चीज़ में लग गए—अपने घर और फसलें सुरक्षित बच जाएं।
सुबह से गूंजती चिहाड़, खेतों में बढ़ता नुकसान
ग्रामीणों ने बताया कि सुबह आठ बजे से ही हाथियों की तेज चिहाड़ पूरे इलाके में सुनाई दे रही थी। झुंड में कई छोटे बच्चे भी शामिल थे और यही वजह रही कि हाथी तीन समूहों में बंटकर लगातार इधर-उधर घूमते रहे। जहां जाते, धान की फसल रौंदते जाते। खेतों का हाल देखकर किसानों के चेहरे उतर गए। बेलपोसी नाला के पास रास्ता न मिलने की वजह से झुंड घंटों तक भटकता रहा और खेतों का नुकसान बढ़ता गया।
ग्रामीण जमीन पर, वन विभाग सतर्क, राहत की कोशिशें
बेलपोसी, बनकाटी, मनिकपुर, जैंतगढ़ और कई गांवों के लोग मौके पर जमा हो गए। वन विभाग की टीम भी पहुंची। सबने मिलकर पटाखे फोड़े, टीन बजाए, और जो भी रास्ता मिला, उससे हाथियों को जंगल की तरफ धकेलने की कोशिश की। लेकिन झुंड का आकार इतना बड़ा था कि सबकी चिंता और बढ़ गई। कई लोग रातभर जागते रहे और कुछ तो पेड़ों पर चढ़कर इलाके की निगरानी करते रहे।
संघर्ष बढ़ने का डर, प्रशासन से सख्त कदम की मांग
वन विभाग ने ग्रामीणों को सावधान रहने और झुंड के करीब न जाने की सलाह दी है। इलाके में हाथियों की बढ़ती गतिविधि की वजह से मानव-वन्यजीव टकराव लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्दी और कड़ी कार्रवाई नहीं की तो नुकसान और बड़ा हो सकता है। फिलहाल हाथियों को सुरक्षित जगह ले जाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही। लोग सिर्फ यही दुआ कर रहे हैं कि झुंड गांवों की ओर न मुड़ जाए।

