Health News: अक्सर हम सोचते हैं कि शुगर बढ़ने का इकलौता कारण मीठा खाना या खराब लाइफस्टाइल है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके पानी पीने का तरीका भी आपको डायबिटीज का मरीज बना सकता है? जी हां, हालिया शोध और क्लीनिकल न्यूट्रीकेयर के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शरीर में पानी की कमी और इसे पीने का गलत समय, दोनों ही ब्लड शुगर को अनियंत्रित कर सकते हैं।

डिहाइड्रेशन और गाढ़ा खून: शुगर बढ़ने का असली खेल?

जब हम कम पानी पीते हैं, तो हमारे शरीर में पानी का स्तर गिर जाता है, जिससे खून गाढ़ा होने लगता है। अब विज्ञान की बात समझिये—जब खून गाढ़ा होता है, तो उसमें मौजूद ग्लूकोज की सांद्रता (Concentration) बढ़ जाती है। इसका सीधा मतलब यह है कि आपके रक्त में शुगर का स्तर अचानक हाई दिखने लगता है। इतना ही नहीं, पानी की कमी से शरीर में ‘कॉर्टिसोल’ नामक स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने लगता है, जो इंसुलिन को काम करने से रोकता है। यानी आप चाहे कितनी भी दवा खा लें, अगर पानी कम है तो शुगर कंट्रोल करना नामुमकिन होगा।

खाने के तुरंत बाद पानी पीना है ‘धीमा जहर’?

अक्सर हम भारी भोजन करने के बाद गट-गट करके ढेर सारा पानी पी लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है। भोजन के तुरंत बाद पानी पीने से पेट के पाचक एसिड पतले हो जाते हैं, जिससे पाचन की प्रक्रिया सुस्त पड़ जाती है। जब खाना ठीक से नहीं पचता, तो ग्लूकोज का ब्रेकडाउन बिगड़ जाता है और कुछ ही समय बाद शुगर लेवल में अचानक ‘स्पाइक’ या उछाल देखने को मिलता है।

सेहत का मंत्र: कब और कैसा हो पानी का सेवन?

अगर आप शुगर को काबू में रखना चाहते हैं, तो हमेशा रूम टेम्परेचर या हल्का गुनगुना पानी पिएं। बहुत ठंडा पानी पाचन तंत्र को सुस्त कर देता है। खाने से करीब 30-40 मिनट पहले पानी पीना फायदेमंद है, लेकिन खाने के तुरंत बाद कम से कम आधे घंटे तक पानी से दूरी बनाए रखें। दिनभर में एक साथ ढेर सारा पानी पीने के बजाय, थोड़ी-थोड़ी मात्रा में सिप-सिप करके पानी पीना सबसे बेहतर तरीका है। याद रखें, सही हाइड्रेशन ही आपकी शुगर की दवा को सही ढंग से काम करने में मदद करेगा।

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