Ranchi News: रांची में खनन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे उषा मार्टिन ग्रुप के प्रबंध निदेशक (एमडी) राजीव झंवर को सीबीआई की विशेष अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने गुरुवार को उनका पासपोर्ट रिलीज करने की मंजूरी दे दी, जिससे अब वे विदेश यात्रा कर सकेंगे।

राजीव झंवर ने झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर इस वर्ष फरवरी में सीबीआई की अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी, लेकिन शर्तों के तहत पासपोर्ट जमा करने और 50-50 हजार रुपये के दो निजी मुचलके भरने के आदेश दिए गए थे। अब कोर्ट ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए पासपोर्ट रिलीज करने की अनुमति दे दी है।

यह मामला करीब 190 करोड़ रुपये के लौह अयस्क (Iron Ore) घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें उषा मार्टिन ग्रुप पर खदानों से तय लीज सीमा से अधिक खनन करने और उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। सीबीआई ने इस मामले में शुरुआत में प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसे बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2 अक्टूबर 2021 को टेकओवर करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की।

उषा मार्टिन के इस केस में केवल एमडी राजीव झंवर ही नहीं, बल्कि कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी जैसे महाप्रबंधक प्रमोद कुमार फतेपुरिया सहित कई लोग आरोपित हैं। यह केस खासतौर पर घाटकुरी खदान से जुड़ा हुआ है, जहां पर नियमों के उल्लंघन कर खनन किए जाने का आरोप है।

कोर्ट के इस फैसले के बाद अब राजीव झंवर अपने व्यावसायिक या निजी कारणों से विदेश यात्रा कर पाएंगे। हालांकि, जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल में लगी हैं और अगली सुनवाई में यह देखा जाएगा कि उनका विदेश जाना जांच प्रक्रिया पर कोई असर डालता है या नहीं।

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