India News: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के पेपर लीक मामले में सामने आए मुख्य आरोपी मोहम्मद खालिद की कहानी हैरान करने वाली है। SIT जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि खालिद ने तकरीबन 22 बार आयोग की विभिन्न परीक्षाएं दीं, बावजूद इसके वह प्रत्येक बार फेल रहा। नवीनतम स्नातक स्तरीय परीक्षा, जो पेपर लीक मामले के कारण चर्चा में है, इसमें भी खालिद पास नहीं हो सका।

SIT इंचार्ज जया बलूनी ने बताया कि पूछताछ के दौरान खालिद ने माना कि उसके नंबर बेहद कम आए हैं और कई बार वह एक-दो अंक से भी रह गया। बलूनी ने यह भी जानकारी दी कि खालिद द्वारा वायरल किए गए 12 सवालों के उत्तर की जांच के लिए आयोग को पत्र भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि खालिद ने पेपर में वे सवाल हल ही नहीं किए, जिन्हें वायरल किया था।

दस्तावेज़ और क्वालिफिकेशन की भी जांच

SIT अब खालिद के सभी शैक्षिक प्रमाणपत्रों और डिप्लोमा की भी गहन जांच करेगी। सवाल यह भी है कि खालिद जूनियर इंजीनियर कैसे बना, जबकि उसके अंक और क्वालिफिकेशन संदेहास्पद हैं। जया बलूनी ने कहा कि दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच से पेपर लीक और नकल के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।

अभ्यर्थियों से संवाद और सुझाव

SIT द्वारा अभ्यर्थियों और संबंधित पक्षों से संवाद स्थापित किया जा रहा है। आयोग व शासन को भी अभ्यर्थियों के सुझावों से अवगत कराया जाएगा। टीम अन्य जिलों में जाकर भी जानकारी एकत्र कर रही है और किसी भी व्यक्ति के पास मामले से जुड़ी जानकारी हो तो उसे सार्वजनिक रूप से साझा करने को कहा गया है।

सरकार ने प्रक्रिया रोकी

सरकार ने फिलहाल परीक्षा की उत्तर कुंजी, रिजल्ट आदि सभी प्रक्रियाएं एक माह के लिए रोक दी हैं। आयोग अब 5 अक्टूबर की परीक्षा की तैयारी कर रहा है। जांच के बाद ही खालिद के सटीक अंक और भूमिका पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।

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