Jharkhand News: जिले के पांडू प्रखंड कार्यालय की दीवार पर शनिवार सुबह प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) द्वारा चिपकाया गया एक पोस्टर मिलने से हड़कंप मच गया। मनातू थाना क्षेत्र में हाल ही में पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद TSPC ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश करते हुए यह पोस्टर चिपकाया।

स्थानीय लोगों की नजर जैसे ही पोस्टर पर पड़ी, उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पांडू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टर को जब्त कर लिया। इसके बाद इलाके में छानबीन शुरू कर दी गई। बता दें कि जिस दीवार पर पोस्टर लगाया गया, वह अंचल कार्यालय की मुख्य दीवार है, जो बाजार के एकदम समीप स्थित है। इससे आम नागरिकों में दहशत फैल गई है।

पोस्टर में उग्रवादियों ने खासकर बीड़ी पत्ता ठेकेदारों, मुंशी और दलालों को चेतावनी दी है। इन दिनों बीड़ी पत्ता की तुड़ाई बड़े पैमाने पर हो रही है, जिससे लेवी वसूली का मामला सामने आया है। TSPC ने बीड़ी पत्ता मजदूरों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर कई मांगें पोस्टर में लिखी हैं।

पोस्टर में कहा गया है कि मजदूरों को उचित मजदूरी, स्वास्थ्य सुविधा, टेंट, लाइट, कपड़े, जूते, नास्ता, पानी, और रोजाना मजदूरी का भुगतान देना जरूरी है। मजदूर की मृत्यु पर परिवार को मुआवजा देने की बात भी कही गई है। इसके अलावा, पोस्टर में यह चेतावनी दी गई है कि जब तक मजदूरी का भुगतान नहीं होता, तब तक एक भी पत्ता खलिहान से नहीं उठाना चाहिए।

TSPC ने पुलिस और अफीम तस्करों के खिलाफ मजदूरों को एकजुट होने की अपील की है। साथ ही, पर्यावरण सुरक्षा और जल-जंगल-जमीन की रक्षा पर जोर दिया गया है। नक्सलवाद या उग्रवाद के नाम पर संगठन की विचारधारा को गलत बताने वालों को भी जवाब देने की बात कही गई है।

क्या लिखा है पोस्टर में

-बीड़ी पत्ता ठीकेदार-मुंशी, दलाल होशियार(TSPC) है तैयार।
-(भाकपा) माओवाद के नाम पर, लेवी लेने और देने वालों को जन अदालत में सजा दो।
-पुलिस और जंगल सिपाहियों के खिलाफ, बीड़ी पत्ता मजदूर एक हो।
-बीड़ी पत्ता मजदूरों को उचित मजदूरी, भुगतान करें।
-बीड़ी पत्ता मजदूरों को चोट-घाव लू लगने पर, सुई-दवा का समूचित व्यवस्था देना होगा।
-बीड़ी पत्ता मजदूरों को काम के दौरान मौत होने पर परिजनों को उचित मुआवजा देना होगा।
-बीड़ी पत्ता मजदूरों को टेन्ट, लाईट-बत्ती का व्यवस्था करना होगा।
-बीड़ी पत्ता मजदूरों को धोती-कुर्ता, साड़ी, साया, लूंगी, गमछा, गंजी, जूता, चप्पल देना होगा।
-बीड़ी पत्ता मजदूरों को नास्ता, खाना, सत्तू, पानी देना होगा।
-मजदूरों की मजदूरी प्रतिदिन भूगतान करना होगा।
-बीड़ी पत्ता मजदूरों का बकाया मजदूरी रहने पर एक पत्ता तक खलीहान से नहीं उठाना है।
-जल, जंगल, जमीन हमारा है, पर्यावरण को बचाना है।
-पुलिस और जंगल सिपाही तथा अफीम तस्कर के बहकावे में, पड़कर गरीब जनता पोस्ता खेती करना बंद करें!

चाहे हमें कोई नक्सल कहे, चाहे कहे उग्रवादी, कहने वालों को कहने दो, चाहते हैं हम आजादी।

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