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Washington, (US): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि ईरान बातचीत करना चाहता था, लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में मना कर दिया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ’ पर की गई एक संक्षिप्त पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि ईरान की सेना और नेतृत्व पूरी तरह कमजोर हो चुके हैं और अब बातचीत के लिए “बहुत देर हो चुकी है।” उन्होंने वॉशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित एक संपादकीय को टैग करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें ईरान पर हमले के उनके फैसले की सराहना की गई थी।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि ईरान का एयर डिफेंस, एयर फोर्स और नेवी लगभग खत्म हो चुकी है। उनके अनुसार, ईरान अब बातचीत की इच्छा जता रहा है, लेकिन उन्होंने जवाब दिया कि समय निकल चुका है।
रविवार को भी ट्रंप ने कहा था कि यदि ईरानी नेता उनसे संपर्क करते हैं तो वह बात करने को तैयार रहेंगे। हालांकि 28 फरवरी से शुरू किए गए हवाई हमलों को उन्होंने जारी रखा और ईरान की जनता से सरकार के खिलाफ खड़े होने की अपील भी की।
इधर ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका के साथ शांति वार्ता को लेकर कोई बातचीत नहीं हो रही है। स्थानीय मीडिया एजेंसी तस्नीम ने उनके हवाले से यह बयान प्रकाशित किया।
वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ओमान के माध्यम से वार्ता का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन ईरानी पक्ष ने ऐसी किसी पहल से इनकार किया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है। दोनों देशों के बयानों से स्पष्ट है कि कूटनीतिक स्तर पर फिलहाल कोई सहमति बनती नजर नहीं आ रही है।

