Ranchi News: सिरम टोली सरना स्थल पर प्रस्तावित फ्लाईओवर रैम्प के निर्माण को लेकर आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है। बीते चार महीनों से आंदोलनरत आदिवासी समाज अब खुलकर सड़कों पर उतर आया है और सरकार तथा जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन कर रहा है।

केंद्रीय सरना समिति के पदाधिकारी जगलाल पाहन और बबलु मुंडा ने प्रशासन पर धार्मिक स्थल के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा, जिस सरकार को आदिवासी समाज ने सत्ता तक पहुंचाया, वहीं आज हमारी आस्था के प्रतीक को मिटाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि रैम्प निर्माण नहीं रोका गया, तो मामला राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के बाद कोर्ट तक ले जाया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ी तो जनहित याचिका भी दायर की जाएगी।

समिति का कहना है कि सिरम टोली सरना स्थल न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि वह आदिवासी संस्कृति और पहचान का प्रतीक भी है.ऐसे में यहां रैम्प निर्माण आदिवासी अस्मिता पर सीधा हमला है। जगलाल पाहन ने कहा, अबुआ सरकार से हमें उम्मीदें थीं, लेकिन अब तो जमीन हड़पने का खेल शुरू हो गया है। यह आंदोलन बिरसा मुंडा के तर्ज पर लड़ा जाएगा और किसी कीमत पर सरना स्थल को मिटने नहीं दिया जाएगा। प्रशासन पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए आदिवासी नेताओं ने कहा कि यह पूरा लोकतंत्र की आत्मा पर चोट है। वहीं, बबलु मुंडा ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने इस मामले में मुख्य सचिव, उपायुक्त, नगर विकास विभाग और नगर निगम प्रशासक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

Share.
Exit mobile version