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रांची: कुछ इलाकों में पेट्रोल और डीजल की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों पर जिला प्रशासन ने विराम लगा दिया है। मंगलवार को उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) रांची सदर, कुमार रजत ने विभिन्न तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक आपात और महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में ईंधन की आपूर्ति की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करना और भ्रामक खबरों को रोकना था।
अफवाहों का बाजार गर्म, प्रशासन ने दी सफाई
पिछले कुछ दिनों से नामकुम और पिठोरिया क्षेत्र के कुछ पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म होने की अपुष्ट खबरें सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्रसारित हो रही थीं। बैठक के दौरान तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में कोई बाधा नहीं है और डिपो से पंपों तक ईंधन लगातार पहुंच रहा है।
अधिकारियों को ‘जीरो टॉलरेंस’ के निर्देश
बैठक में मौजूद एसडीओ कुमार रजत ने तेल कंपनियों को सख्त निर्देश दिए कि वे परिवहन या लॉजिस्टिक से जुड़ी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान करें। उन्होंने कहा, “आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। कंपनियां अपने रिटेल आउटलेट्स की चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग करें।” प्रशासन ने जमाखोरी या अनावश्यक भीड़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए भी कंपनियों को अलर्ट रहने को कहा है।
जनता से अपील: पैनिक बाइंग से बचें
जिला प्रशासन ने रांची के नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए लोग पैनिक होकर जरूरत से ज्यादा खरीदारी न करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि गलत सूचना फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। बैठक में विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी मोनी कुमारी और जिला आपूर्ति पदाधिकारी राम कुमार पांडेय भी शामिल थे, जिन्होंने आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की।
कुल मिलाकर, प्रशासन के इस कदम ने यह साफ कर दिया है कि रांची में ‘फ्यूल क्राइसिस’ जैसी कोई स्थिति नहीं है और व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।

