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Bihar News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से आतंकवादियों को फंडिंग करने का एक बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने टेरर फंडिंग केस की जांच करते हुए सोमवार को घोड़ासहन क्षेत्र से पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में गोलू कुमार और उसके पिता भूषण चौधरी शामिल हैं। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने अपने बैंक खातों और क्रिप्टो वॉलेट्स के जरिए 101 करोड़ 34 लाख रुपये से अधिक की रकम पाकिस्तान, नेपाल और कई अन्य देशों में भेजी।
पुलिस की जांच में सामने आया कि यह रकम साइबर ठगी के जरिए इकट्ठी की गई थी और बाद में क्रिप्टोकरेंसी के जरिये इसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क तक पहुंचाया जाता था। बलरामपुर पुलिस के अनुसार गोलू कुमार पूर्वी चंपारण में साइबर कैफे चलाता था। वहां आने वाले लोगों के आधार कार्ड और अन्य जानकारियों का दुरुपयोग कर वह फर्जी बैंक खाते खोलता और रकम का लेनदेन करता था।
गोलू ने पूछताछ में माना है कि उसने नेपाल में अपने कुछ परिचितों को बाइनेंस पर क्रिप्टो अकाउंट बनाना सिखाया। इसके बाद साइबर ठगी से जो रुपये आते थे, उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में बदल कर बाइनेंस के जरिये विदेश भेजना शुरू कर दिया गया। धीरे-धीरे उसने अपने पिता भूषण चौधरी की आईडी से भी अकाउंट बनाकर नेटवर्क का विस्तार कर दिया। पुलिस को शक है कि यह गिरोह चीनी लोनिंग ऐप्स के माध्यम से भी लोगों से ठगी कर करोड़ों रुपये जुटाता था और उन पैसों को आतंकी संगठनों तक पहुंचाता था।
बलरामपुर एसपी विकास कुमार के अनुसार, इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड बिहार के नवादा जिले का एक आरोपी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके खुलासे के बाद ही गोलू और भूषण की तलाश शुरू हुई थी। जांच एजेंसियों ने इनके यूपीआई पेमेंट्स, डिजिटल ट्रांजैक्शन और बाइनेंस वॉलेट की गतिविधियों की निगरानी की, तब जाकर दोनों गिरफ्तार हो पाए।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इनके पास से 5 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 7 आधार कार्ड और नेपाली मुद्रा सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। अब एटीएस, एनआईए और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इनके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों की छानबीन कर रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि इनके तार अफगानिस्तान और मिडिल ईस्ट के कुछ आतंकी संगठनों से भी जुड़े हो सकते हैं। इस मामले में इंटरपोल और एफएटीएफ को भी सूचित किया गया है।

