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World News: आमतौर पर मकड़ियों में पारंपरिक पेनिस नहीं होता। नर, अपने पेट से जुड़े एक डक्ट के जरिए शुक्राणु एकत्र करते हैं और फिर ‘पल्प्स’ नाम के हाथनुमा अंगों के जरिए इन्हें मादा में पहुंचाते हैं। लेकिन इन नई प्रजातियों के पल्प्स का आकार इतना बड़ा है कि शोधकर्ता हैरान रह गए हैं। सबसे बड़े नर टारेंटुला के पल्प्स 5 सेंटीमीटर लंबे पाए गए, जो उसके पैरों के बराबर और शरीर के ऊपरी हिस्से से करीब 3.85 गुना बड़े हैं।
आम टारेंटुला में पल्प्स सिर्फ शरीर के दोगुने होते हैं, जिससे यह खोज और भी खास बन जाती है। इन चारों नई प्रजातियों को वैज्ञानिकों ने एक नए जीनस में शामिल किया है, जिसका नाम रखा गया है सैटायर । इसमें ‘सैटायर’ शब्द ग्रीक मिथकों के पुरुष आत्माओं को संदर्भित करता है, जो अपनी शरारती प्रवृत्ति और खास बनावट के लिए प्रसिद्ध थे, जबकि ‘रेक्स’ का अर्थ है राजा। इन प्रजातियों में सबसे बड़ी है सैटायर ‘फेरॉक्स’ यानी खूंखार, जिसकी पहचान है इसका आक्रामक स्वभाव। दूसरी है एस. अराबिकस, जो अरब प्रायद्वीप में पाई गई। तीसरी है एस. सोमालिकस, जो सोमालिया में मिली। चौथी प्रजाति एस. स्पेशियस है, जिसकी चमकदार रंगत और खूबसूरती इसे विशिष्ट बनाती है। वैज्ञानिक अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इतने बड़े पल्प्स का फायदा क्या है।
रिसर्च के अनुसार, ये लंबे पल्प्स नर के लिए सुरक्षा कवच का काम करते हैं। मेटिंग के समय, यह नर को मादा से एक सुरक्षित दूरी बनाकर प्रजनन का अवसर देते हैं, जिससे मादा के संभावित हमले से बचाव हो सके। यह जरूरी है क्योंकि कई बार मेटिंग के बाद मादा नर को मारकर खा जाती है। लंबे पल्प्स की वजह से नर बिना ज्यादा नजदीक आए भी मेटिंग कर सकता है, जिससे उसके बचने की संभावना बढ़ जाती है। यह खोज को विकास का एक अद्भुत उदाहरण माना जा रहा है। इसमें जीव ने न सिर्फ प्रजनन के लिए बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए भी अद्वितीय शारीरिक अनुकूलन विकसित किया है।

