Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Social/Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»#Trending»झारखंड का ‘कैलाश’ टांगीनाथ धाम, जहां परशुराम के फरसे में आज भी बसते हैं भोलेनाथ
#Trending

झारखंड का ‘कैलाश’ टांगीनाथ धाम, जहां परशुराम के फरसे में आज भी बसते हैं भोलेनाथ

झारखंड का चमत्कारी शिवधाम: जहां 1000 साल से नहीं जंग खाया त्रिशूल
By Shiwam KeshriJuly 10, 20253 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

सावन के पावन महीने में अगर आप शिव की साक्षात उपस्थिति को महसूस करना चाहते हैं, तो झारखंड के गुमला जिले में स्थित टांगीनाथ धाम आपके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और रहस्यमयी वातावरण के बीच बसा यह स्थल शिवभक्तों के लिए एक जीवंत चमत्कार है, जहां आज भी जमीन में गड़ा त्रिशूलनुमा फरसा हजारों वर्षों से जंग रहित है।

त्रिशूल या फरसा? जहां धरती को चीर शिव स्वयं विराजमान हैं

इस पर्वत पर मौजूद लोहे का चमत्कारी फरसा, जिसे स्थानीय भाषा में टांगी कहा जाता है, आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि यह फरसा भगवान परशुराम का है, जिन्हें भगवान शिव का रौद्र अवतार माना जाता है। सदियों से खुले आसमान के नीचे यह त्रिशूल कभी जंग नहीं खाता, न टूटता है, न हिलता है — यही तो है शिव की लीला!

सावन में उमड़ता है भक्तों का जनसैलाब

सावन की पहली सोमवारी से ही हजारों कांवरिया, श्रद्धालु, और साधक टांगीनाथ की कठिन चढ़ाई पार कर भोलेनाथ को जल अर्पित करने आते हैं। बोल बम की गूंज, ढोल-नगाड़े, पारंपरिक गीत और हर दिशा में बिखरी भक्ति — यह स्थान मानो शिव की तपस्थली नहीं, जीवंत कैलाश बन जाता है।

हर पत्थर शिवमय, हर मूर्ति में इतिहास की सांस

करीब 10,000 वर्ग मीटर में फैले इस क्षेत्र में सैकड़ों प्राचीन शिवलिंग, भगवान विष्णु, लक्ष्मी और सूर्य की मूर्तियां बिखरी पड़ी हैं। कुछ मूर्तियों को बुद्धकालीन भी माना जाता है, जो इसे केवल आस्था नहीं, इतिहास का अद्भुत संग्रहालय भी बनाता है। यहां हर पत्थर पर शिव की छाप और हर शिला में तप की तपिश बसती है।

यह भूमि केवल तीर्थ नहीं, शिव का तेज है

टांगीनाथ सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, यह शिव के न्याय, परशुराम के तप और मानवता के मार्गदर्शन का प्रतीक है। यह पर्वत हमें सिखाता है कि आस्था जब अडिग होती है, तो प्रकृति भी झुकती है — और शिव स्वयं धरती पर उतरते हैं।

प्राकृतिक सौंदर्य और शांति:

घने जंगलों और शांत पहाड़ी श्रृंखलाओं से घिरा टांगीनाथ धाम अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है। यहां का शांत वातावरण और हरी-भरी वादियां इसे ध्यान और आत्मचिंतन के लिए एक आदर्श स्थान बनाती हैं।

टांगीनाथ धाम में पूजा की विधि

बाबा टांगीनाथ धाम में जो पुजारी होते हैं वह नागपुरी भाषा में पूजा करते हैं क्योंकि नागपुरी भाषा को इस क्षेत्र में 2000 साल से अधिक समय से “राजभाषा” के रूप में मान्यता प्राप्त है । टांगीनाथ धाम में भी, जब से यह मंदिर अस्तित्व में है, तब से यहां के बैगा पुजारी नागपुरी भाषा में ही पूजा कराते आए हैं। यहां का मान्यता है कि जब श्रद्धालु नारियल चढ़कर कुछ मन्नत मांगते हैं तो मन्नत पूरा होने के बाद दोगुना नारियल चढ़ाना पड़ता है।

प्रशासन से अपेक्षा — इस शिवधाम को मिले राष्ट्रीय पहचान

टांगीनाथ धाम जैसे स्थलों को चाहिए कि पुरातत्व विभाग, पर्यटन मंत्रालय और राज्य सरकार विशेष योजनाओं के तहत संरक्षण, शोध और प्रचार-प्रसार करें। यह केवल गुमला या झारखंड की धरोहर नहीं, भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बन सकता है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को झटका, इंडिया गठबंधन में बढ़ी दरार

June 19, 2026

शिवसेना में फिर बगावत की आहट, जानिए 50 साल में कब-कब हुई बड़ी टूट

June 19, 2026

NEP 2020 पर मॉडर्न पब्लिक स्कूल में विशेष कार्यशाला, शिक्षकों को दिए गए नए शिक्षा मंत्र

June 18, 2026

RECENT ADDA.

विधान परिषद चुनाव में खेला हुआ बड़ा उलटफेर, भाजपा-जेडीएस में मचा घमासान

June 19, 2026

झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को झटका, इंडिया गठबंधन में बढ़ी दरार

June 19, 2026

ईरान डील पर अमेरिका-इजरायल में बढ़ी खटास, वेंस ने नेताओं को लगाई फटकार

June 19, 2026

दिल, पाचन और इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद हैं खरबूजे के बीज, जानिए कैसे

June 19, 2026

अंधेरे में चमकता है इस खतरनाक पक्षी का मुकुट, वैज्ञानिक भी हुए हैरान

June 19, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.