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Bokaro: दुनिया में अमन, भाईचारगी और आपसी मोहब्बत ही तरक्की का असली रास्ता है। यह बात प्रमुख समाजसेवी मुमताज अली ने दुर्गापुर में आयोजित ‘एकता का पैगाम’ कार्यक्रम के दौरान कही। बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए मुमताज अली ने अपने संबोधन में देश की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और समाज को बांटने वाली ताकतों से खबरदार रहने की अपील की।
“नफरत की फसल देश को तबाही की ओर ले जा रही है”: मुमताज अली ने कड़े शब्दों में कहा कि आज मुल्क में मजहब और जाति के नाम पर इंसानों को बांटकर हुकूमत कायम करने का जो सिलसिला चल पड़ा है, वह बेहद खतरनाक है। उन्होंने चेतावनी दी कि नफरत और जहर की खेती देश को बर्बादी की ओर ले जा रही है। उन्होंने कहा, “आज हमें भूख, गरीबी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों पर बात करनी चाहिए, लेकिन हम आपस में लड़ रहे हैं।”
2014 के बाद बढ़ा भ्रष्टाचार और बेरोजगारी: मौजूदा सरकार पर सीधा प्रहार करते हुए मुमताज अली ने कहा कि 2014 के बाद देश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में स्कूल, कॉलेज और अस्पताल बनाने के बजाय मंदिर-मस्जिद और हिंदू-मुसलमान का खेल खेला गया। उन्होंने कहा कि हर रोज दंगों के शहर और गांव बसाए जा रहे हैं, जो देश के भविष्य के लिए घातक है।
नया हिंदुस्तान बनाने का संकल्प: मुमताज अली ने अपना विजन साझा करते हुए कहा कि वह एक ऐसा हिंदुस्तान बनाने निकले हैं जो बुद्ध, महावीर, गुरु नानक, ख्वाजा गरीब नवाज, गांधी और नेहरू के सपनों का हो। उन्होंने कहा, “मजदूरों को काम, किसानों को सही दाम और नौजवानों को रोजगार चाहिए। हमें इन इंसानियत के दुश्मनों को पहचानना होगा और घर-घर जाकर एकता का पैगाम पहुंचाना होगा।”
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिन्होंने मुमताज अली के विचारों का पुरजोर समर्थन किया और आपसी सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया।

