New Delhi: क्रिकेट के सबसे छोटे और रोमांचक फॉर्मेट, टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बिगुल बज चुका है। 52 कड़े मुकाबलों के बाद अब दूधिया रोशनी में चमचमाती ट्रॉफी के सिर्फ चार दावेदार बचे हैं। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली ‘मेन इन ब्लू’ यानी भारतीय टीम लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंची है, जहां उसका सामना डिफेंडिंग चैंपियन इंग्लैंड से होगा। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में चोकर्स का टैग हटाने की कोशिश में जुटी साउथ अफ्रीका के सामने न्यूजीलैंड की कड़ी चुनौती होगी।

2007 से 2026: उतार-चढ़ाव भरी दास्तां टी20 वर्ल्ड कप का इतिहास गवाह है कि यहां कभी भी बाजी पलट सकती है। साल 2007 में जब धोनी की युवा ब्रिगेड ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल जीता था, तब से शुरू हुआ यह सिलसिला आज 2026 तक आ पहुंचा है।

  • 2009-2012: पाकिस्तान और वेस्टइंडीज का दबदबा रहा, जहां कैरेबियाई टीम ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दुनिया को चौंकाया।

  • 2014-2016: श्रीलंका और वेस्टइंडीज ने ट्रॉफी उठाई, जबकि भारत को सेमीफाइनल और फाइनल में दिल टूटने वाली हार का सामना करना पड़ा।

  • 2021-2022: ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ने अपनी बादशाहत कायम की। खासकर 2022 में इंग्लैंड ने भारत को 10 विकेट से हराकर बड़ा जख्म दिया था।

  • 2024 का गौरव: पिछले साल भारत ने रोहित शर्मा के नेतृत्व में साउथ अफ्रीका को हराकर 17 साल का सूखा खत्म किया और दूसरी बार चैंपियन बना।

क्या होगा 2026 का समीकरण? 4 और 5 मार्च को होने वाले ये सेमीफाइनल मुकाबले ऐतिहासिक होने वाले हैं। भारत और इंग्लैंड की भिड़ंत 5 मार्च को होगी, जो पिछले सेमीफाइनल का रीमैच मानी जा रही है। प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि सूर्या की कप्तानी में भारतीय टीम अपना विजयी रथ जारी रखेगी। न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाला मुकाबला भी कम रोमांचक नहीं होगा, क्योंकि दोनों ही टीमें अभी तक अपनी पहली टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी की तलाश में हैं।

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