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India News: दिल्ली पुलिस ने छात्राओं के यौन शोषण के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने उसकी तीन महिला सहयोगियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने चैतन्यानंद के कहने पर छात्राओं को चुप कराने और दबाव बनाने का काम किया।
गिरफ्तार महिलाओं के नाम और भूमिका
गिरफ्तार आरोपियों में श्री शारदा इंस्टीट्यूट की एसोसिएट डीन श्वेता शर्मा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावना कपिल और सीनियर फैकल्टी काजल शामिल हैं। इन पर अपराध में सहयोग करने, शिकायतकर्ताओं को धमकाने और सबूत नष्ट करने में मदद करने के आरोप हैं।
पुलिस पूछताछ में तीनों ने माना कि वे चैतन्यानंद के निर्देशों के तहत छात्राओं पर दबाव बनाती थीं।
पुलिस जांच में मिले प्रमाण
पुलिस जांच में सामने आया है कि चैतन्यानंद उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित गेस्ट हाउस में छात्राओं को ले जाता था। वहां स्थानीय लोगों ने भी उसकी मौजूदगी की पुष्टि की है। इसके अलावा, पुलिस को उसके फोन से डिजिटल सबूत मिले हैं। इनमें वॉट्सऐप ग्रुप संदेश शामिल हैं, जहां वह छात्राओं की तस्वीरों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करता था। 1 अक्टूबर को पुलिस ने चैतन्यानंद के कॉलेज के कमरे से सेक्स टॉय और पांच अश्लील सीडी बरामद की थीं। इसके साथ ही पीएम मोदी, बराक ओबामा और ब्रिटिश नेता के साथ उसकी कथित जाली तस्वीरें भी मिलीं।
17 छात्राओं ने लगाए यौन शोषण के आरोप
गौरतलब है कि श्री शारदा इंस्टीट्यूट की 17 छात्राओं ने चैतन्यानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। इन आरोपों के बाद 4 अगस्त को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और 9 अगस्त को कॉलेज प्रबंधन ने उसे पद से हटा दिया। इसके बाद से वह फरार चल रहा था।
छिपने के लिए होटलों का इस्तेमाल
चैतन्यानंद गिरफ्तारी से बचने के लिए छोटे और सस्ते होटलों में ठहरता रहा, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। वह मथुरा और वृंदावन जैसे शहरों में भी अस्थायी रूप से छिपा रहा। 27 सितंबर को वह आगरा के एक होटल में रुका था, जहाँ से पुलिस ने अगले दिन सुबह 3:30 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया।
आगे की कार्रवाई
अब तीन महिला सहयोगियों की गिरफ्तारी से केस और मजबूत हो गया है। पुलिस को उम्मीद है कि इनके कबूलनामे और डिजिटल सबूतों के आधार पर आरोपी चैतन्यानंद के खिलाफ ठोस चार्ज शीट तैयार की जाएगी।

