Jharkhand News: आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) को एक और बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर से जुड़े संदिग्ध अम्मार यसार को धनबाद से गिरफ्तार किया गया है। अम्मार के पास से संगठन से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
झारखंड के पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता ने बताया कि यह गिरफ्तारी धनबाद से जुड़े केस में पांचवां बड़ा एक्शन है। अम्मार यसार, जो कि अब 33 वर्ष का है, को पहले से गिरफ्तार अभियुक्त अयान जावेद की निशानदेही पर पकड़ा गया। पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि अम्मार, अयान जावेद और अन्य साथियों के साथ मिलकर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त था।
इससे पहले 26 अप्रैल को ATS ने धनबाद में छापेमारी कर चार अन्य संदिग्धों—गुलफाम हसन, अयान जावेद, शबनम परवीन (अयान की पत्नी), और मोहम्मद शहजाद आलम को गिरफ्तार किया था। इनके पास से दो पिस्टल, 12 जिंदा कारतूस, कई मोबाइल सेट, लैपटॉप और हिज्ब-उत-तहरीर से जुड़ी किताबें व दस्तावेज बरामद किए गए थे।
27 अप्रैल को इन चारों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। 30 अप्रैल को पुलिस रिमांड के दौरान अयान जावेद ने अम्मार यसार के संगठन से जुड़ाव की जानकारी दी, जिसके बाद ATS ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
उल्लेखनीय है कि हिज्ब-उत-तहरीर एक इस्लामी कट्टरपंथी संगठन है जिसकी स्थापना 1953 में यरुशलम में हुई थी। यह संगठन विश्वभर में खिलाफत स्थापित करने की मंशा से काम करता है और भारत सरकार ने इसे 2010 में प्रतिबंधित कर दिया था।



