India News: संसद के शीतकालीन सत्र के बीच झारखंड के लोहर्दगा से कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया है। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने मनरेगा का नाम बदलने से लेकर दिल्ली के प्रदूषण तक के मुद्दों पर भाजपा नेतृत्व वाली सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बुनियादी काम करने के बजाय केवल नाम बदलने की राजनीति में व्यस्त है।

मनरेगा का नाम बदलना ‘गांधी’ को मिटाने की साजिश?

सांसद सुखदेव भगत ने मनरेगा का नाम बदलने के प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि भाजपा का एकमात्र लक्ष्य ऐतिहासिक योजनाओं से महात्मा गांधी का नाम और सोच मिटाना है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्यों का मनरेगा का बकाया पैसा अभी तक नहीं दिया गया है, तो नाम बदलने की जल्दबाजी क्यों? भगत ने कहा, “पहले इन्होंने संसद परिसर से बापू की मूर्ति हटाई और अब योजना से उनका नाम हटा रहे हैं। इनका इरादा साफ है कि ये राष्ट्रपिता से जुड़ी हर विरासत को बदलना चाहते हैं।”

प्रदूषण पर राजनीति नहीं, ब्लूप्रिंट की जरूरत

दिल्ली के दमघोंटू प्रदूषण पर बोलते हुए सुखदेव भगत ने राहुल गांधी के विजन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण एक गंभीर समस्या है जिसे आरोप-प्रत्यारोप में नहीं उलझाना चाहिए। सरकार के पास इसे रोकने का कोई ठोस ब्लूप्रिंट नहीं है। 2014 से अब तक प्रदूषण का ग्राफ बढ़ा ही है, लेकिन सरकार समाधान निकालने के बजाय सिर्फ राजनीति कर रही है। उन्होंने माँग की कि दिल्ली जैसे बड़े शहरों में रहने वाले लोगों को साफ हवा देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

नीतीश कुमार और उमर अब्दुल्ला के बयान पर प्रतिक्रिया

चर्चा के दौरान सुखदेव भगत ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हालिया विवादित वीडियो और उमर अब्दुल्ला के बयान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंच पर किसी महिला को अपमानित करना ठीक नहीं है। उन्होंने उमर अब्दुल्ला के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि हम अपनी विचारधारा और राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरी मजबूती से खड़े हैं। राजनीतिक मजबूरियों के बीच संवैधानिक मूल्यों की रक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।

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