Health News: आयुर्वेद में प्रकृति ने हमें कई ऐसी औषधियां दी हैं जो कम खर्चीली होने के बावजूद किसी महंगे टॉनिक से कम नहीं हैं। ऐसी ही एक खनिज औषधि है ‘सुहागा’, जिसे वैज्ञानिक भाषा में सोडियम टेट्राबोरेट और आयुर्वेद में टंकण भस्म कहा जाता है। एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर सुहागा सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
जुकाम, साइनस और बुखार में तुरंत राहत
सर्दियों के इस मौसम में जुकाम और सिर दर्द एक आम समस्या है। आयुर्वेद के अनुसार, अगर आप तवे पर हल्दी और सुहागा का पाउडर धीमी आंच पर गर्म करके उसकी भाप लेते हैं, तो साइनस और बंद नाक में तुरंत आराम मिलता है। इतना ही नहीं, अगर बार-बार बुखार आ रहा हो, तो दूध में चुटकी भर सुहागा उबालकर पीने से शरीर का तापमान तेजी से सामान्य होने लगता है। हालांकि, आंतरिक सेवन से पहले चिकित्सक की सलाह अनिवार्य है।
मुंह के छालों और आंखों की सूजन का इलाज
मुंह के दर्दनाक छालों से परेशान लोगों के लिए सुहागा का कुल्ला करना किसी चमत्कार से कम नहीं है। गुनगुने पानी में इसे मिलाकर कुल्ला करने से न केवल छाले ठीक होते हैं, बल्कि मुंह की दुर्गंध भी दूर होती है। इसके अलावा, आंखों की लालिमा और सूजन को कम करने में भी इसका औषधीय जल बहुत लाभकारी माना गया है।
त्वचा और बालों के लिए ‘ब्यूटी टॉनिक’
अगर आप रूसी (Dandruff) या चेहरे के मुंहासों से परेशान हैं, तो नारियल तेल में सुहागा पाउडर मिलाकर इस्तेमाल करें। यह बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है और त्वचा के संक्रमण को खत्म कर प्राकृतिक निखार लाता है। टूथपेस्ट से लेकर दर्द निवारक दवाओं तक में इस्तेमाल होने वाला यह खनिज सही मायने में एक संपूर्ण स्वास्थ्य रक्षक है।



