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India News: शिमला जिले के कुमारसेन थाना क्षेत्र में बड़ा हादसा हो गया। शिमला-रामपुर नेशनल हाईवे-05 पर कालिमिट्टी के पास बिठल में विशाल ट्रैवल्स की प्राइवेट बस (नंबर एचपी63ए-1891) पर अचानक पहाड़ी से लुढ़के भारी पत्थर और बोल्डर आ गिरे। बस के अंदर अचानक भारी पत्थर गिरने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना में लगभग 15 यात्री घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से तुरंत कुमारसेन से खनेरी स्थित अस्पताल में पहुंचाया जा रहा है। इनमें 3 यात्रियों की हालत गम्भीर बताई गई है।
#Watch: शिमला-रामपुर नेशनल हाईवे पर आम दिनों की तरह बस गुजर रही थी। तभी अचानक हुए भूस्खलन के बाद सड़क पर गुजर रही बस के ऊपर पत्थरों की बरसात होने लगी। इस हादसे में 2 महिलाओं की मौत और 13 यात्रियों के घायल होने की खबर है। #ShimlaRampurNH #HimachalPradesh pic.twitter.com/IA4I8wKlPQ
— Hindustan (@Live_Hindustan) September 3, 2025
इन पत्थरों ने बस की छत और खिड़कियों को तोड़ते हुए अंदर प्रवेश कर यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में महाराष्ट्र के जलगांव निवासी लक्ष्मी विरानी पुत्री रामचरण और नेपाली मूल की एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। हादसे के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है, क्योंकि लगातार बारिश के चलते पहाड़ दरक रहे हैं और कभी भी सड़क से गुजरते वाहनों पर खतरा मंडरा सकता है।
नेशनल हाईवे-05 पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई है और यातायात को अस्थायी रूप से रोककर सड़क को सुरक्षित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष का मॉनसून अब तक भारी तबाही मचा चुका है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार अब तक वर्षा जनित हादसों में 341 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 51 मौतें मंडी जिले में दर्ज हुई हैं। कांगड़ा में 50 और शिमला में 36 लोगों की मौत हुई है।
वहीं अन्य जिलों में भी भूस्खलन, सड़क हादसों, पेड़ों के गिरने और नदियों-नालों में बहने जैसी घटनाओं ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है। राज्यभर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह भूस्खलन, सड़कें बंद, पुल क्षतिग्रस्त और बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित होने से लोग परेशान हैं। राज्य भर में आज 7 नेशनल हाइवे व 1155 सड़कें भूस्खलन से बंद हैं।

