Health News: डायबिटीज में सुबह क्या खाया जाए, यही सबसे बड़ा सवाल रहता है। ज्यादा मीठा नहीं, ज्यादा नमक नहीं और तला-भुना तो बिल्कुल नहीं। इसी बीच आयुष मंत्रालय ने एक ऐसा नाश्ता सुझाया है जो सस्ता भी है, पोषक भी है और ब्लड शुगर को स्थिर रखने में कमाल करता है- अंकुरित चना।
अंकुरण से बढ़ जाते हैं पोषक तत्व
अंकुरित चने आम चने से कहीं ज्यादा पौष्टिक माने जाते हैं। जैसे ही चना भिगोकर गीले कपड़े में रखा जाता है, उसमें अंकुर निकलने लगते हैं और इसी दौरान पोषक तत्व कई गुना बढ़ जाते हैं। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं।
सबसे खास बात यह कि अंकुरित चना धीरे-धीरे पचता है, जिससे खाना खाने के बाद ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता। फाइबर ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा करता है और कार्बोहाइड्रेट धीरे टूटते हैं। इसका मतलब- मरीज को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती रहती है और भूख भी कम लगती है।
पाचन मजबूत, वजन नियंत्रण और शुगर स्थिर
यह नाश्ता न केवल शुगर कंट्रोल करता है, बल्कि पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाता है। फाइबर कब्ज दूर करता है और पेट हल्का रखता है। कम कैलोरी और हाई फाइबर होने की वजह से यह वजन घटाने में भी मदद करता है, जो डायबिटीज कंट्रोल में महत्वपूर्ण माना जाता है। अंकुरित चने में मौजूद आयरन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है, जिससे मौसम बदलने पर होने वाली छोटी-मोटी बीमारियाँ भी दूर रहती हैं।
घर पर आसानी से बन जाता है सुपरफूड
अंकुरित चना कोई महंगा या मुश्किल नाश्ता नहीं है। रात को चने भिगो दीजिए, सुबह गीले कपड़े में बांधकर 8–10 घंटे रखिए- अंकुर निकल आएंगे। उसमें थोड़ा नींबू, सेंधा नमक, काली मिर्च और कसा हुआ अदरक मिलाकर खा लिया जाए तो फायदे और बढ़ जाते हैं।
आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि इसे रोजाना खाने से डायबिटीज मरीजों को बहुत लाभ मिलता है- शुगर भी नियंत्रित रहती है और शरीर पूरे दिन सक्रिय महसूस करता है।



