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Seoul, (South Korea): दक्षिण कोरिया की वायुसेना इन दिनों एक गंभीर ‘पायलट पलायन’ (Pilot Exodus) की चुनौती का सामना कर रही है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में वायुसेना के लगभग 896 प्रशिक्षित पायलटों ने स्वेच्छा से अपनी वर्दी उतार दी है। इन पायलटों ने बेहतर वेतन, कम जोखिम और पारिवारिक स्थिरता के लिए कोरियन एयर जैसी निजी और वाणिज्यिक एयरलाइन्स को ज्वाइन करना बेहतर समझा है। वायुसेना के अधिकारियों का कहना है कि पायलटों को रोकने के लिए उनके कल्याण और सुविधाओं में सुधार के नए कदम उठाए जा रहे हैं।
अनुभवी पायलटों की बड़ी तादाद
एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2017 से मार्च 2026 के बीच नौकरी छोड़ने वाले इन 896 पायलटों में सबसे अधिक अनुभवी अधिकारी शामिल हैं। वायुसेना के मानकों के अनुसार, 8 से 17 साल का अनुभव रखने वाले पायलटों को ‘कुशल’ माना जाता है, जो ऑपरेशन्स के साथ-साथ जूनियर पायलटों को ट्रेनिंग देने में भी माहिर होते हैं। इस्तीफा देने वालों में:
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730 फाइटर पायलट शामिल हैं।
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148 कार्गो पायलट और 18 हेलीकॉप्टर पायलट भी सेवा छोड़ चुके हैं।
इनमें से 622 पायलटों ने कोरियन एयर और 146 ने एशियाना एयरलाइन्स को ज्वाइन किया है, जबकि 103 पायलट लो-कॉस्ट एयरलाइन्स से जुड़े हैं।
कोविड के बाद फिर बढ़ा पलायन
महामारी से पहले हर साल औसतन 100 पायलट सेवा छोड़ते थे, लेकिन साल 2021 में वैश्विक हवाई यातायात रुकने के कारण यह संख्या गिरकर महज 7 रह गई थी। हालांकि, अब यह आंकड़ा फिर से बढ़ रहा है और इस साल मार्च तक ही 47 पायलट वायुसेना को अलविदा कह चुके हैं। वर्तमान नियमों के अनुसार, एयरफोर्स अकादमी से प्रशिक्षित फाइटर और कार्गो पायलटों के लिए 15 साल और अन्य के लिए 10 साल की अनिवार्य सेवा अवधि तय है। जैसे ही यह अवधि पूरी होती है, पायलट निजी क्षेत्र की ओर उड़ान भर लेते हैं।
वेतन और तनाव मुख्य कारण
2025 में किए गए एक सर्वे से पता चला है कि सैन्य और कमर्शियल पायलटों के वेतन में जमीन-आसमान का अंतर है। इसके अलावा, सैन्य सेवा में उच्च जोखिम और लगातार इमरजेंसी ड्यूटी के कारण होने वाला मानसिक तनाव पायलटों के इस्तीफे की प्रमुख वजह बन रहा है।

