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Patna News: सोनपुर का ऐतिहासिक मेला इस बार एक अलग ही रंग में नजर आ रहा है। गंडक नदी के किनारे कई सदियों की विरासत को समेटे यह मेला अब एक विशाल महोत्सव का रूप ले चुका है। पौराणिक आस्था, सांस्कृतिक रंग, लोक कलाकारों की आवाज और आधुनिक आयोजनों का मेल—सबकुछ इस बार पहले से कहीं ज्यादा भव्य है। जिला प्रशासन और बिहार सरकार इसे नए स्तर पर ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही।
सांस्कृतिक मंच से लेकर युवाओं के लिए नए प्रयोग तक
मेले में तरह–तरह की गतिविधियां चल रही हैं। सरकारी विभागों के स्टॉल अपनी योजनाओं की झलक दिखा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लोक कलाकार, नृत्य दल और देशभर से आए गायक अपनी प्रस्तुतियों से मेले को जीवंत कर रहे हैं। इस बार युवाओं के लिए खास प्रयोग किया गया है—‘सोनपुर आइडल’। इसमें तीन बड़े चरण रखे गए हैं।
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क्वार्टर फाइनल 2 दिसंबर को होगा, जिसके जज होंगे गायक कुमार सत्यम।
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सेमीफाइनल 5 दिसंबर को, जिसकी जज होंगी अनन्या मिश्रा।
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7 दिसंबर के ग्रैंड फिनाले में जज की भूमिका निभाएंगी विख्यात गायिका अनुराधा पौडवाल।
साहित्य प्रेमियों के लिए भी पुस्तक मेला और साहित्य उत्सव आयोजित किया जा रहा है, जो 10 दिसंबर तक चलेगा। बच्चों और युवाओं के लिए माइंड क्रश, क्राफ्ट कार्यक्रम, डॉग शो जैसे आयोजन भी लगातार हो रहे हैं।
खेल प्रतियोगिताओं से बढ़ी मेले की रौनक
युवाओं को जोड़ने के लिए इस बार खेल प्रतियोगिताओं की भी भरमार है। मेले में घुड़दौड़, शतरंज, दंगल, फुटबॉल, वॉलीबॉल, नौका दौड़, पैरा एथलेटिक्स जैसे दर्जनों खेलों के मुकाबले हो रहे हैं। मैदान से लेकर नदी तट तक खेलों और दर्शकों की गहमागहमी बनी हुई है।
आध्यात्मिक माहौल और रामायण मंचन का आकर्षण
सोनपुर मेले की पहचान सिर्फ बाजार और मनोरंजन भर नहीं है। इसकी आत्मा इसके आध्यात्मिक स्वरूप में बसती है। हरिहरनाथ मंदिर परिसर में इस बार 28 दिसंबर तक रामायण का नाट्य मंचन हो रहा है, जिसे देखने वालों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसके अलावा एक और दो दिसंबर को हरिहरनाथ महोत्सव भी आयोजित किया जाएगा।
30 नवंबर की शाम गंगा आरती मेले को और भी दिव्य रूप देगी।
सांस्कृतिक रातों में सितारों का जमावड़ा
मेला मैदान की रातें इस बार खास हैं।
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29 नवंबर को प्रसिद्ध गायक नीरज श्रीधर कार्यक्रम पेश करेंगे।
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30 नवंबर को मंच संभालेंगी श्रद्धा पंडित।
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2 दिसंबर को फिर कुमार सत्यम,
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3 दिसंबर को कवि सम्मेलन,
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5 दिसंबर को अनन्या मिश्रा,
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और 7 दिसंबर को सुरों की रानी अनुराधा पौडवाल अपनी प्रस्तुति देंगी।
दिनभर भी छोटे-बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम लगातार चलते रहेंगे।
विदेशी पर्यटक भी ले रहे खास अनुभव
इस बार मेला अंतरराष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ रहा है। विदेशी पर्यटक बड़ी संख्या में मेले में घूमते नजर आ रहे हैं। पर्यटन विभाग ने उनके लिए अत्याधुनिक सुविधाओं वाले विशेष कॉटेज बनाए हैं, जिससे वे यहां की संस्कृति को आराम से जी सकें।
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी का कहना है कि इस मेले को वैश्विक स्तर पर फिर से स्थापित करने का लक्ष्य है, और इस बार किए गए नए प्रयोगों से मेला पहले की तुलना में कहीं ज्यादा जीवंत और आकर्षक दिख रहा है।

