India News: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े एक वीडियो के चलते गिरफ्तार हुई लॉ स्टूडेंट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पानोली के मामले में कोलकाता पुलिस पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई के आरोप लग रहे हैं। जिस वजाहत खान की शिकायत पर शर्मिष्ठा को गिरफ्तार किया गया, उसी के खिलाफ सोशल मीडिया पर हिंदू विरोधी और भड़काऊ पोस्ट करने के कई आरोप पहले से दर्ज हैं, लेकिन उसके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई है।
कर चुका है सैकड़ों हिंदू विरोधी भड़काऊ पोस्ट, शिकायतें भी हैं दर्ज, पुलिस ने कभी सख्त कार्रवाई नहीं की
शिकायतकर्ता प्रसून मैत्रा, जो एक एनजीओ चलाते हैं, ने कहा, “जब एक लॉ स्टूडेंट के खिलाफ इतनी जल्दी कार्रवाई हो सकती है, तो एक लगातार आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले के खिलाफ अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया?” उन्होंने इस मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठाए।
गौरतलब है कि 22 वर्षीय शर्मिष्ठा पानोली को 30 मई को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि उन्होंने एक वीडियो में मुस्लिम कलाकारों की चुप्पी पर सवाल उठाए और कथित रूप से सांप्रदायिक भाषा का इस्तेमाल किया। हालांकि उन्होंने 15 मई को वीडियो डिलीट कर माफी मांग ली थी, बावजूद इसके उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें 13 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अब शर्मिष्ठा के वकील ने जेल की अस्वच्छ स्थितियों और खराब स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कोर्ट में याचिका भी दाखिल की है।
अब सवाल उठ रहे हैं कि जब एक वायरल वीडियो पर त्वरित कार्रवाई की जा सकती है, तो लगातार आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले व्यक्ति के खिलाफ इतनी ढिलाई क्यों? इस संबंध में कोलकाता पुलिस के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने भी जवाब नहीं दिया।



