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Social News: ब्राजील में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जो दुनिया भर के वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के लिए पहेली बन गया है। यहां एना पाउला मार्टिंस नाम की महिला के खून में पुरुषों वाले एक्सवाय क्रोमोसोम मिले हैं, जबकि उसके शरीर की बाकी कोशिकाओं में महिलाओं वाले सामान्य एक्सएक्स क्रोमोसोम मौजूद थे।
महिला के खून में मिले पुरुषों वाले एक्सवाय क्रोमोसोम
इस वाकये ने मेडिकल साइंस को भी हैरान कर दिया है। यह अब तक का पहला केस माना जा रहा है। यह मामला साल 2022 में सामने आया, जब एना का गर्भपात हुआ और जांच के दौरान डॉक्टर्स ने पाया कि उसकी ब्लड सेल्स में पुरुषों वाले क्रोमोसोम मौजूद हैं। इसके बावजूद उसके गर्भाशय और अंडाशय पूरी तरह सामान्य थे और महिला शरीर की सभी विशेषताएं सही ढंग से काम कर रही थीं।
आश्चर्य की बात यह भी है कि एना स्वाभाविक रूप से गर्भ धारण करने में सक्षम थी। यही नहीं, कुछ समय बाद उसने एक स्वस्थ बेटे को जन्म भी दिया, जिसका डीएनए पूरी तरह सामान्य पाया गया। जांच के दौरान एना ने बताया कि उसका एक जुड़वां भाई भी है। डीएनए टेस्ट से पता चला कि उसके खून की कोशिकाएं उसके भाई से मेल खाती हैं। यानी एना वास्तव में अपने भाई का एक हिस्सा अपने अंदर लेकर जी रही थी। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में काइमेरा कहा जाता है, जिसमें एक ही इंसान के शरीर में दो अलग-अलग डीएनए पाए जाते हैं। आमतौर पर यह स्थिति बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बाद देखने को मिलती है, लेकिन एना के मामले में यह प्राकृतिक रूप से हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब एना और उसका भाई मां के गर्भ में थे, तब उनके प्लेसेंटा की रक्त नलिकाएं आपस में जुड़ गईं। इस प्रक्रिया को फेटल-फेटल ट्रांसफ्यूजन कहा जाता है। इसके कारण भाई के रक्त की कोशिकाएं एना के शरीर में चली गईं और वहीं स्थायी रूप से बस गईं। सामान्यत: शरीर का इम्यून सिस्टम बाहरी कोशिकाओं को नष्ट कर देता है, लेकिन एना के शरीर ने अपने भाई की कोशिकाओं को स्वीकार कर लिया। यह दुर्लभ जैविक घटना मेडिकल साइंस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे इम्यून रिसर्च और ऑर्गन ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं।

