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Jamshedpur: बिरसानगर स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों की चाबी वितरण को लेकर मंगलवार को जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के बिष्टुपुर आवास पर अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में 75 से अधिक लाभुकों के साथ जेएनएसी के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार और जुडको के प्रोजेक्ट मैनेजर धनंजय कुमार मौजूद रहे। अधूरे निर्माण कार्य को लेकर लाभुकों में नाराजगी साफ नजर आई।
बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि आवास परिसर में सड़क, नाली और ड्रेनेज का काम अब भी अधूरा है, जिसके कारण प्रोजेक्ट का हैंडओवर नहीं हो सका है। प्रोजेक्ट मैनेजर ने जानकारी दी कि ड्रेनेज के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द काम शुरू होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि करीब एक महीने में शेष कार्य पूरे कर लिए जाएंगे, जबकि सड़क निर्माण के लिए राशि स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है।
इस पर लाभुकों ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि वर्षों से उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। कई लोगों ने भावुक होकर अपनी परेशानी जाहिर की और कहा कि 2023 में ही गृह प्रवेश का वादा किया गया था, लेकिन अब 2026 आ चुका है और अब तक उन्हें मकान नहीं मिला।
उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने कहा कि जब तक जुडको सभी बुनियादी कार्य पूरे नहीं करता, तब तक प्रोजेक्ट को जेएनएसी को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि कम से कम एक माह का समय और लगेगा, जिसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
लाभुकों ने बैठक में तय समयसीमा की मांग करते हुए लिखित आश्वासन देने की बात कही। इस पर अंततः 31 मई तक सभी कार्य पूरे करने का लक्ष्य तय किया गया। इस दौरान विधायक सरयू राय ने साफ चेतावनी दी कि यदि तय समय तक काम पूरा नहीं हुआ और लाभुकों को चाबी नहीं मिली, तो वह 1 जून से अनशन पर बैठेंगे।
बैठक में बिजली मीटर कनेक्शन शुल्क का मुद्दा भी उठा। लाभुकों ने आरोप लगाया कि अलग-अलग शहरों में एक ही योजना के तहत अलग-अलग शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने बताया कि जहां रांची में मीटर मुफ्त दिया गया, वहीं बोकारो में 1500 रुपये और जमशेदपुर में 13,600 रुपये तक लिए गए हैं। इस पर सरयू राय ने बोकारो के उपायुक्त से फोन पर जानकारी भी ली।
लाभुकों ने यह भी मांग रखी कि उन्हें जल्द चाबी सौंप दी जाए और शेष कार्य बाद में पूरा किया जाए। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी प्रक्रियाएं तय नियमों के तहत ही पूरी होंगी। पहले निर्माण कार्य पूर्ण होगा, फिर हैंडओवर और उसके बाद ही चाबी वितरण संभव होगा।
बैठक के दौरान कई महिला लाभुक भावुक हो गईं और अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए जल्द समाधान की मांग की। अंततः यह सहमति बनी कि 31 मई तक कार्य पूरा कर चाबी वितरण के लिए समारोह आयोजित किया जाएगा।

