India News: महाराष्ट्र के सांगली जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे सभ्य समाज को हिलाकर रख दिया है। यहां ईश्वरपुर इलाके में दो दरिंदों ने न केवल 14 साल की एक मासूम की अस्मत लूटी, बल्कि उसे ऐसी हालत में छोड़ दिया कि वह आधी रात को बिना कपड़ों के सड़क पर पैदल चलने को मजबूर हो गई। यह खौफनाक वारदात 16 दिसंबर की रात की है, जिसका खुलासा तब हुआ जब स्थानीय लोगों ने अंबेडकर चौक पर एक बच्ची को बदहाल स्थिति में देखा।
पहचान का फायदा उठाकर खेत में ले गए दरिंदे
घटना की शुरुआत 16 दिसंबर की शाम करीब 8:30 बजे हुई। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग लड़की को हृतिक महापुरे नामक युवक ने बहला-फुसलाकर घर से बाहर बुलाया। हृतिक और उसका साथी आशीष खांबे उसे दो अलग-अलग मोटरसाइकिल पर बैठाकर अष्टा रोड स्थित प्रकाश अस्पताल के पीछे सुनसान गन्ने के खेतों में ले गए। चूंकि आरोपी पहले से परिचित थे, इसलिए मासूम को उनके इरादों की भनक नहीं लगी। खेत के सन्नाटे में दोनों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।
आधी रात को सड़क पर दिखी बेबसी: लोगों ने बचाई जान
हैवानियत को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़िता को बिना कपड़ों के उसी अंधेरे खेत में छोड़कर फरार हो गए। डरी-सहमी बच्ची करीब एक घंटे तक वहीं छिपी रही, लेकिन फिर हिम्मत जुटाकर वह गांव की ओर बढ़ी। करीब एक किलोमीटर का सफर उसने निर्वस्त्र और नंगे पांव तय किया। जब वह रात 12:30 बजे अंबेडकर चौक पहुंची, तो वहां मौजूद स्थानीय लोगों की रूह उसे देखकर कांप गई। लोगों ने तुरंत उसे कपड़े दिए और पुलिस को सूचना दी।
मकोका का आरोपी निकला मुख्य दरिंदा; पुलिस की सख्त कार्रवाई
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और दोनों आरोपियों—आशीष खांबे (31) और हृतिक महापुरे (27) को दबोच लिया। जाँच में पता चला कि हृतिक महापुरे एक पुराना अपराधी है, जिस पर पहले से ही मकोका (MCOCA), हत्या और चोरी जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित करेंगे।



