Jharkhand News: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा गुमला जिला के तत्वावधान में आज चैनपुर ब्लॉक स्थित कौशल विकास केंद्र के सभागार में एक महत्वपूर्ण सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में झारखंड आंदोलनकारियों को न्याय, राजकीय मान-सम्मान, स्वाभिमान से जीने का अधिकार, एक अलग पहचान, उनके पुत्र-पुत्रियों के लिए शत-प्रतिशत रोजगार और नियोजन की गारंटी तथा जेल जाने की बाध्यता समाप्त करते हुए सभी को ₹50,000 की सम्मान पेंशन राशि देने की सरकार से मांग की गई।सभा के मुख्य अतिथि और झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने अपने संबोधन में झारखंड आंदोलनकारियों की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि झारखंड में अलग-अलग कंपनियां बनाकर आंदोलनकारियों की भावनाओं को कुचला जा रहा है।
उन्होंने कहा, “अबुआ दिशुम अबुआ राइज, अबुआ गांव, अबुआ सरकार होने के बाद भी झारखंड आंदोलनकारी और झारखण्डी अपने ही घर में परदेसी बन गए हैं, यह एक विडंबना है।” उन्होंने सरकार से जीते-जी आंदोलनकारियों को राजकीय मान-सम्मान और सम्मान पेंशन नियोजन देकर अपने दायित्व का निर्वाह करने की अपील की।सभा को खोरस केरकेट्टा, अंथन लकड़ा, सुबोध कुमार लकड़ा, सुजीत कुमार राम, विजय तिर्की, बर्नाड मिंज, अलबर्ट तिग्गा, श्रीमती सोमारी देवी, श्रीमती नीरु देवी, सुशीला लकड़ा, पुनीत उरांव, प्लासियुस टोप्पो, जगदीश लकड़ा, ईश्वर टोप्पो, आलोक लकड़ा, किशोर गिद्ध, प्रकाश खलखो, सुजात टोप्पो, इशाक टोप्पो, निर्मल और अगस्टीन सहित कई अन्य आंदोलनकारियों ने भी संबोधित किया।सभा के समापन पर, पर्यावरण दिवस के अवसर पर झारखंड आंदोलन के अमर पुरोधा सी पी तिर्की, अजीत तिग्गा और सोबरन अंसारी की याद में वृक्षारोपण किया गया।



