Astrology News: सनातन धर्म में रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रह आत्मा, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, पिता, सरकारी कार्य, नेतृत्व क्षमता और यश का कारक होता है। धार्मिक मान्यता है कि यदि रविवार के दिन सूर्य देव की विधिपूर्वक आराधना की जाए, तो जीवन की कई समस्याएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।

इस खबर को भी पढ़ें : बसंत पंचमी 2026: साल में सिर्फ एक दिन! जब बिना मुहूर्त खुलते हैं सफलता के द्वार

सूर्योदय पर अर्घ्य देना क्यों है शुभ

रविवार की सुबह सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य देना अत्यंत शुभ माना गया है। तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें लाल चंदन या लाल फूल मिलाएं और पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य को अर्घ्य दें। मान्यता है कि इससे आत्मविश्वास बढ़ता है, शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और सरकारी या प्रशासनिक कार्यों में सफलता मिलने लगती है। जो लोग यह उपाय नियमित रूप से करते हैं, उनके यश और प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होती है।

आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ

रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना विशेष फलदायी बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह सूर्य उपासना का श्रेष्ठ माध्यम माना जाता है। इसके पाठ से आत्मबल मजबूत होता है, निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है और जीवन में आ रही बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं। मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए यह पाठ विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।

इस खबर को भी पढ़ें : इस दिन किया व्रत देता है मनचाहा वरदान, तिलकुंद चतुर्थी खास

लाल वस्तुओं का दान

रविवार के दिन लाल रंग से जुड़ी वस्तुओं का दान करना सूर्य को मजबूत करने का प्रभावी उपाय माना गया है। लाल कपड़ा, गुड़, गेहूं या तांबे से संबंधित वस्तुओं का दान करने से सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। मान्यता है कि इससे पिता का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, करियर में स्थिरता आती है और समाज में मान-सम्मान भी बढ़ता है।

Share.
Exit mobile version