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Ranchi News: रांची पुलिस को गुरुवार रात एक बड़ी सफलता हाथ लगी जब बुण्डू थाना क्षेत्र के ऐदलहातु गांव में छापेमारी के दौरान जमशेदपुर निवासी कुख्यात हथियार तस्कर दशरथ शुक्ला (उम्र 42 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। दशरथ पूर्वी सिंहभूम जिले के गोलमुरी थाना क्षेत्र, दुईलाइंगरी लाइन नंबर‑5, मकान नंबर‑153 का रहने वाला है।

पुलिस ने उसके कब्जे से तीन लोडेड पिस्टल, दो मैगजीन और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई गुरुवार रात लगभग 8:40 बजे की गई जब रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक को सूचना मिली कि एनएच‑33 किनारे सूर्य मंदिर तोरण द्वार के पास एक व्यक्ति किसी गिरोह को हथियार की डिलीवरी देने वाला है।
पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई
सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ओम प्रकाश के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम घटनास्थल पर पहुंची तो एक संदिग्ध व्यक्ति काले रंग का बैग लेकर भागता दिखा। पुलिस ने पीछा कर उसे धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके कमर से एक लोडेड पिस्टल मिली। इसके अतिरिक्त बैग की जांच में दो अन्य पिस्टल (7.65 बोर), दो मैगजीन, एक ओप्पो F‑17 और एक एप्पल iPhone‑13 मिनी भी बरामद हुआ।
सुजीत सिन्हा गिरोह को हथियार देने पहुंचा था आरोपी
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि ये सभी हथियार वह कुख्यात सुजीत सिन्हा गिरोह के सदस्य को सौंपने जा रहा था।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज

पुलिस ने बुण्डू थाना कांड संख्या 88/25 के तहत दशरथ शुक्ला पर बीएनएस की धाराएं 111(3), 111(4), 61(2) और आर्म्स एक्ट की धाराएं 25(1‑A), 25(1‑B)a, 25(6), 25(7), 26, 35 लगाई हैं। जांच में पता चला है कि दशरथ का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ जमशेदपुर के गोलमुरी और साकची थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें हत्या का प्रयास (धारा 307), आर्म्स एक्ट, एससी/एसटी एक्ट, जुआ अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति संरक्षण अधिनियम के मामले शामिल हैं।
नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस के अनुसार, दशरथ पहले भी हथियारों की तस्करी के आरोप में जेल जा चुका है और जमशेदपुर क्षेत्र में सक्रिय गिरोहों से उसके संबंध रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वह कई अपराधियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता था और गिरोहों को हथियार उपलब्ध कराता था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये हथियार कहां से लाए जाते थे और किन‑किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे। तकनीकी सेल के सहयोग से आरोपी के मोबाइल डेटा और संपर्कों की जांच शुरू कर दी गई है।
छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी
इस अभियान में थाना प्रभारी राम कुमार वर्मा, पु.अ.नि. आतिश कुमार, पु.अ.नि. नंदु पैड़ा, स.अ.नि. इन्द्रदेव उराँव तथा तकनीकी व रिजर्व गार्ड के जवान शामिल थे। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क में और भी लोगों की संलिप्तता की संभावना है और आगे अधिक गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

