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Bihar News: बिहार के हसनपुर से विधायक और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव द्वारा अपने 12 साल पुराने रिलेशनशिप का खुलासा करने के बाद अब उन पर आरजेडी ने बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने तेजप्रताप को पार्टी और परिवार दोनों से बाहर निकाल दिया है। लालू यादव के इस कार्रवाई को मौजूदा सत्ताधारी पार्टी जेडीयू ने लोगों को गुमराह करने की कोशिश बताया है।
तेजप्रताप यादव को पार्टी से निष्कासित किए जाने पर जेडीयू ने कसा तंज
इस कार्रवाई पर जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि लालू जी गुमराह कर रहे हैं। जब ऐश्वर्या के साथ महापाप हुआ, तब उनकी चेतना क्यों नहीं जागी? यह शुद्ध अनैतिकता है। चुनाव के बाद तेजप्रताप फिर वापस आ जाएंगे। यह घटना बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लालू परिवार और आरजेडी के लिए सियासी झटका माना जा रहा है।
बता दें शनिवार को तेज प्रताप ने अपने फेसबुक अकाउंट पर अनुष्का यादव के साथ 12 साल पुराने रिलेशनशिप का खुलासा किया था जिसके बाद बिहार की सियासत में तूफान आ गया। तेजप्रताप ने पोस्ट में अनुष्का के साथ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा था- मैं तेजप्रताप यादव हूं और मेरे साथ जो तस्वीर में नजर आ रही है उनका नाम अनुष्का यादव है और हम 12 साल से रिलेशनशिप में हैं। हालांकि कुछ देर बाद पोस्ट डिलीट कर दी गई और तेज प्रताप ने दावा किया कि उनका अकाउंट हैक हुआ था, जिसमें एआई-जनरेटेड तस्वीरें इस्तेमाल की गई है।
इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर तेजप्रताप और अनुष्का की तस्वीरें वायरल हो गई, जिससे उनकी पहली पत्नी ऐश्वर्या राय के साथ 2018 में हुई शादी को लेकर सवाल उठने लगे। लोग पूछने लगे कि 12 साल से अनुष्का के साथ रिलेशनशिप में थे, तो ऐश्वर्या से शादी क्यों की? इस विवाद के बाद लालू यादव ने सख्त कदम उठाते हुए तेजप्रताप को पार्टी और परिवार से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। लालू ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि तेजप्रताप का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार और नैतिक मूल्यों की अवहेलना पार्टी और परिवार के मूल्यों के खिलाफ है।
वहीं लालू यादव के इस फैसले पर अब तेजप्रताप यादव की बहन रोहिणी आचार्य का भी बयान सामने आया है। उन्होंने अपने पिता लालू यादव के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि जो परिवेश, परंपरा, परिवार और परवरिश की मर्यादा का ख्याल रखते हैं, उन पर कभी सवाल नहीं उठते हैं, जो अपना विवेक त्याग कर अमर्यादित आचरण, परिवार की प्रतिष्ठा की सीमा को बार-बार लांघने की गलती करते हैं, वह खुद को आलोचना का पात्र बनाते हैं।

