Patna News: बिहार में नई NDA सरकार के आते ही सियासत का पूरा मिजाज बदल गया है। इसी बदलाव की आंच अब सीधे लालू प्रसाद यादव के परिवार तक पहुंच चुकी है। राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड वाला सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस मिल चुका है। सरकार ने उन्हें हार्डिंग रोड पर नया आवास आवंटित किया है, लेकिन परिवार पुराने बंगले से हटने को तैयार नहीं है।

राबड़ी देवी 19 साल से इसी बंगले में रह रही हैं

राबड़ी देवी 2006 से इसी बंगले में रहती हैं और यह उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर मिला था। 2019 में हाईकोर्ट ने साफ कर दिया था कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को स्थायी सरकारी आवास नहीं दिया जा सकता। इसके बावजूद बंगले का उपयोग जारी रहा। अब सरकार ने वही नियम लागू करते हुए नया बंगला दिया है।

नया बंगला जितना सुविधाजनक, उतना अस्थिर भी

हार्डिंग रोड वाला बंगला किसी फैसिलिटी के मामले में कम नहीं है- छह बेडरूम, बड़ा हॉल, गार्डन और सुरक्षा स्टाफ के लिए अलग क्वार्टर। लेकिन लालू परिवार इसे “अस्थिर” मानता है, क्योंकि यह राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से मिला है।
और यही बात पूरे विवाद की जड़ है।

आगे क्या होगा? असली चिंता यह है

एमएलसी में नेता प्रतिपक्ष बनने के लिए कम से कम 9 सदस्यों का समर्थन चाहिए। फिलहाल RJD के पास 13 सदस्य हैं, लेकिन आने वाले वर्षों में यह संख्या तेजी से घट सकती है।

2026 में दो सीटें खाली होंगी, 2028 में सात सीटें खाली होंगी- और संभावना है कि इनमें से ज्यादातर NDA ले जाए। जानकारों का अनुमान है कि 2028 आते-आते RJD की संख्या 9 से नीचे जा सकती है। मतलब- राबड़ी देवी नेता प्रतिपक्ष नहीं रहेंगी, और हार्डिंग रोड वाला बंगला भी हाथ से निकल जाएगा।

राजनीतिक बदले का आरोप भी तेज

RJD ने इस नोटिस को साफ राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। पार्टी का कहना है कि बीते 20 वर्षों में सरकारें कई बार बदलीं, मगर 10 सर्कुलर रोड को किसी ने नहीं छेड़ा। अब गृह विभाग BJP के पास आते ही लालू परिवार को “टारगेट” किया जा रहा है। पार्टी अध्यक्ष मगनी लाल मंडल ने खुलकर आरोप लगाया कि यह सियासी बदले की कार्रवाई है।

परिवार की तैयारी- बंगला नहीं छोड़ेंगे

लालू परिवार ने साफ कहा है कि वे बंगला खाली नहीं करेंगे और जरूरत पड़ने पर मामला अदालत तक ले जाएंगे।
बिहार की सियासत में यह विवाद अब बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है।

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