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चैनपुर गुमला : जिले में उपायुक्त श्रीमती प्रेरणा दीक्षित की पहल पर प्रत्येक शनिवार को विभिन्न प्रखंडों में नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे अंचल दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत आज चैनपुर प्रखंड मुख्यालय परिसर में कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वयं उपायुक्त श्रीमती प्रेरणा दीक्षित ने की।
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी चैनपुर, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सहित अन्य विभागीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने आम नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुना और मौके पर ही उनके समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आज के अंचल दिवस में कुल 137 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 73 आवेदनों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि 64 आवेदनों को विस्तृत जाँच हेतु संबंधित अधिकारियों के पास भेजा गया। उपायुक्त द्वारा जिला स्तरीय जनशिकायत निवारण दिवस से प्राप्त सभी 7 आवेदनों का भी तत्काल समाधान किया गया। भूमि सत्यापन प्रतिवेदन से संबंधित 8 आवेदनों का निपटारा मौके पर ही किया गया।
नागरिकों की सुविधा हेतु ऑन द स्पॉट प्रमाण पत्र निर्गत किए गए। इनमें 18 जाति प्रमाण पत्र, 16 आय प्रमाण पत्र, 12 आवासीय प्रमाण पत्र एवं 7 पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र शामिल रहे। भूमि विवाद के 15 मामलों में विस्तृत जांच उपरांत निर्णय लेने हेतु निर्देश दिए गए। पंजी-II सुधार के 40 आवेदनों का त्वरित निष्पादन किया गया तथा दाखिल-खारिज के 1 मामले का निस्तारण मौके पर ही किया गया। इसके अलावा प्राकृतिक आपदा से संबंधित 4 आवेदन एवं राशन कार्ड से जुड़े 5 मामलों का भी तत्काल समाधान किया गया।
अंचल दिवस कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच कुल 35 परिसंपत्तियों एवं प्रशस्ति पत्रों का वितरण भी किया। इसमें दाखिल-खारिज, पेंशन प्रमाण पत्र, पारिवारिक सदस्यता, आम बागवानी, मनरेगा जॉब कार्ड, स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण से जुड़ी स्वीकृतियाँ शामिल रहीं।
उपायुक्त श्रीमती प्रेरणा दीक्षित ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि अंचल दिवस का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं को उनके प्रखंड स्तर पर ही सुनना एवं उनका त्वरित समाधान करना है, ताकि आम नागरिकों को जिला कार्यालय का बार-बार चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज, पंजी-II सुधार, भूमि विवाद और अन्य अंचल संबंधित आवेदन अक्सर लम्बित हो जाते हैं, जिनका समयबद्ध समाधान अंचल दिवस के माध्यम से किया जा रहा है। उपायुक्त ने यह भी बताया कि जिन आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा, उनकी पुष्टि लाभुकों से फोन के माध्यम से भी की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे समाधान से संतुष्ट हैं या नहीं।
उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन की यह प्राथमिकता है कि जनता की समस्याओं का समाधान पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हो। अंचल दिवस कार्यक्रम से ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की पहुँच सुनिश्चित हो रही है और नागरिकों को योजनाओं का लाभ सीधे उनके दरवाजे तक पहुँच रहा है।
अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक ने भी नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि उपायुक्त जी पहल से जिला प्रशासन केवल कार्यालयों में बैठकर नहीं बल्कि स्वयं आपके द्वार पर आकर आपकी समस्याओं को सुन रहा है। भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, आधार सुधार, पारिवारिक सूची अथवा अन्य अंचल संबंधी मामलों का समाधान अब मौके पर ही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बहुत-सी समस्याएँ आपसी संवाद एवं सहयोग से तुरंत सुलझाई जा सकती हैं, इसलिए नागरिक खुलकर अपनी समस्याएँ सामने रखें।
आज का अंचल दिवस कार्यक्रम त्वरित समाधान, पारदर्शिता और जनहित के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता का स्पष्ट उदाहरण रहा। इससे नागरिकों के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास और भी सुदृढ़ हुआ है।
अंत में उपायुक्त ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं, शिकायतों एवं आवश्यकताओं के लिए अंचल दिवस का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ और प्रशासन के साथ सहयोगात्मक भूमिका निभाएँ।
अगला अंचल दिवस दिनांक 4 सितम्बर 2025 को भरनो प्रखंड सह अंचल कार्यालय में आयोजित किया जाएगा। भरनो प्रखंड के सभी नागरिकों से आग्रह है कि वे इस तिथि को अपने अंचल संबंधी समस्याओं एवं शिकायतों के समाधान हेतु कार्यक्रम में सम्मिलित हों।

