World News: कूटनीति की दुनिया में अक्सर प्रोटोकॉल और औपचारिकताओं का बोलबाला होता है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इथियोपिया यात्रा के समापन पर कुछ ऐसा दिखा जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। बुधवार को जब पीएम मोदी अपनी यात्रा पूरी कर ओमान के लिए प्रस्थान कर रहे थे, तब इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली एक बार फिर ड्राइविंग सीट पर नजर आए। उन्होंने खुद गाड़ी चलाकर पीएम मोदी को हवाई अड्डे तक छोड़ा।
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2000 साल पुराने रिश्तों की गर्माहट और ‘निशां ऑफ इथियोपिया’ का सम्मान
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों की गहराई को नापा। उन्होंने कहा, “लगभग 2000 साल पहले हमारे पूर्वजों ने मसालों और सोने के व्यापार के जरिए जो सेतु बनाया था, वह आज एक नए युग में प्रवेश कर गया है।” उन्होंने याद दिलाया कि कैसे 1941 में भारतीय सैनिकों ने इथियोपिया की आजादी के लिए यहाँ के लोगों के साथ मिलकर जंग लड़ी थी। जब पीएम ने इथियोपिया को ‘शेरों की धरती’ कहा, तो पूरी संसद तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी।
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गौरतलब है कि मंगलवार को इथियोपिया पहुंचने पर पीएम मोदी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ग्रेट ऑनर निशां ऑफ इथियोपिया’ प्रदान किया गया था। वह इस सम्मान को पाने वाले दुनिया के पहले वैश्विक नेता बने हैं। अदीस अबाबा के बंदरगाहों से लेकर गुजरात के धोलेरा तक की साझी विरासत का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने अफ्रीकी महाद्वीप के साथ भारत के अटूट विश्वास की नई इबारत लिख दी है। अब उनकी ओमान यात्रा पर सबकी निगाहें टिकी हैं।



