India News: पीएम नरेन्द्र मोदी रविवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या और हरियाणा के कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। यह दिन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि मोदी जहां सुबह अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर केसरिया ध्वज फहराएंगे, वहीं शाम को वह कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव और गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस से जुड़े आयोजनों में हिस्सा लेंगे।
अयोध्या में रामलला मंदिर के शिखर पर केसरिया ध्वज का आरोहण
पीएम मोदी सुबह अयोध्या पहुंचेंगे, जहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनका स्वागत करेंगे। लगभग 10 बजे PM सप्तमंदिर में दर्शन करेंगे और फिर शेषावतार मंदिर जाएंगे। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि परिसर में स्थित माता अन्नपूर्णा मंदिर, गर्भगृह और राम दरबार में पूजा-अर्चना करेंगे।
दोपहर करीब 12 बजे वह रामलला के पवित्र मंदिर के शिखर पर केसरिया ध्वज फहराएंगे। यह ध्वजारोहण मंदिर निर्माण की पूर्णता और ‘राम राज्य’ के आदर्शों को समर्पित होगा। ध्वज की ऊंचाई 10 फुट और लंबाई 20 फुट है, जिस पर ‘ॐ’, सूर्य की आकृति और कोविदारा वृक्ष की तस्वीर बनी है। यह राम के तेज, शौर्य और भारतीय संस्कृति का प्रतीक माना जा रहा है।
राम मंदिर वास्तुकला में भारतीय विविधता की झलक
मंदिर के शिखर को पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर शैली में बनाया गया है, जबकि 800 मीटर लंबे परकोटे को दक्षिण भारतीय वास्तुकला में डिज़ाइन किया गया है। मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर रामायण की 87 घटनाओं की नक्काशी की गई है, जबकि चारों ओर लगे 79 कांस्य पैनल भारतीय संस्कृति को दर्शाते हैं। यह पूरा परिसर भक्तों को एक ही स्थान पर भारतीय आध्यात्मिक विरासत का विस्तृत अनुभव देता है।
कुरुक्षेत्र में गीता महोत्सव, गुरु तेग बहादुर जी के सम्मान में कार्यक्रम
अयोध्या में कार्यक्रम के बाद पीएम शाम को कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे। यहां वह लगभग चार बजे महाभारत अनुभव केंद्र का दौरा करेंगे और भगवान कृष्ण के पवित्र शंख ‘पांचजन्य’ के सम्मान में बनाए गए नए संस्करण का लोकार्पण करेंगे।
करीब 4:30 बजे पीएम गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित करेंगे। इस मौके पर वह एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी करेंगे। यह वही स्थान है जहां गुरु तेग बहादुर ने 17वीं सदी में 48 घंटे तक लगातार ध्यान किया था, जिससे इस कार्यक्रम का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाता है।
ब्रह्मसरोवर में पूजा-अर्चना, गीता महोत्सव का उल्लास
शाम 5:45 बजे पीएम ब्रह्मसरोवर में पूजा-अर्चना करेंगे। यह वही स्थान है जिसे गीता ज्ञान की धरती माना जाता है। इस समय कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव पूरे उत्साह से चल रहा है, जो 15 नवंबर से शुरू हुआ था और 5 दिसंबर को समाप्त होगा।
पीएम कार्यालय के अनुसार, आज के कार्यक्रम संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्र की एकता को जोड़ने वाले ऐतिहासिक क्षणों को दर्शाते हैं। भाजपा ने भी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पीएम मोदी की दोनों यात्राओं का पूरा कार्यक्रम साझा किया है।



