India News: राम नगरी मंगलवार को एक ऐसे ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है, जिसे लंबे वक्त तक याद किया जाएगा। विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर भव्य ध्वजारोहण की तैयारी पूरी हो चुकी है। पीएम नरेन्द्र मोदी स्वयं वैदिक मंत्रों की ध्वनि के बीच इस विशेष भगवा ध्वज का आरोहण करेंगे।
अयोध्या में सुबह से दिखा भव्य सजावट का नजारा
आमंत्रित अतिथियों का प्रवेश राम पथ के निर्धारित मार्ग से शुरू हो गया है। पूरे शहर का माहौल ऐसा है मानो हर कोना “जय श्रीराम” की गूंज में डूबा हो।
पीएम का शाही स्वागत और वैदिक मंत्रोच्चार
साकेत से राम मंदिर तक पीएम का रोड शो भी तय है। रास्ते में सात सांस्कृतिक मंच बनाए गए हैं, जहां रामायण पर आधारित नृत्य और लोक कलाओं की प्रस्तुतियां होंगी। स्कूली बच्चे, महिलाएं और स्थानीय लोग पुष्प वर्षा कर पीएम का अभिनंदन करेंगे।
मंदिर परिसर में प्रमुख मंदिरों के दर्शन के बाद ध्वजारोहण
मुख्य समारोह दोपहर 12 बजे शुरू होगा। पांच मिनट के इस ध्वजारोहण अनुष्ठान में पीएम मोदी वैदिक मंत्रों के बीच बटन दबाकर ध्वज का आरोहण करेंगे। इस कार्यक्रम को देखने के लिए लगभग 6 से 7 हजार विशेष अतिथि पहुंचे हैं, जिनमें RSS प्रमुख मोहन भागवत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, संत-महात्मा, कला जगत, उद्योग जगत और कई समुदायों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
ध्वजारोहण का विशेष मुहूर्त और इसका धार्मिक महत्व
विशेष भगवा ध्वज: क्या है इसमें खास?
धर्म ध्वज 10 फुट ऊंचा और 20 फुट लंबा है। इसमें सूर्य का तेजस्वी चिह्न, ‘ॐ’ की पवित्र आकृति और कोविदारा वृक्ष की छवि बनी है—जो राम के तेज, शौर्य और भारतीय संस्कृति के आदर्शों का प्रतीक है। यह ध्वज मंदिर निर्माण के पूर्ण होने का भी संकेत देता है।
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पीएम ध्वजारोहण के बाद सभा को संबोधित करेंगे और फिर सप्तऋषि मंदिर में भी दर्शन करेंगे। इससे अयोध्या का यह दिन एक बड़े सांस्कृतिक अध्याय में दर्ज होने जा रहा है।



