Patna (Bihar): बिहार की राजधानी पटना को दहला देने वाले ‘नीट छात्रा हत्याकांड’ में एक बड़ा मोड़ आया है। चौतरफा दबाव और परिजनों की मांग के बाद सीएम नीतीश कुमार ने इस मामले की जांच सीबीआई (CBI) से कराने की सिफारिश कर दी है। इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि गृह मंत्री सह डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) के जरिए की। उन्होंने सीएम द्वारा केंद्र सरकार को लिखे पत्र को भी साझा किया है।

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डीजीपी से मिली थी रोती हुई मां

आपको बता दें कि इस हत्याकांड को लेकर पूरे राज्य में उबाल है। शुक्रवार को ही पीड़िता की बेबस मां ने राज्य के डीजीपी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी। छात्रा के परिवार ने शुरू से ही स्थानीय पुलिस की जांच पर अविश्वास जताया था। परिवार का आरोप था कि पुलिस मामले में लीपापोती कर रही है और असली गुनहगारों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

जनता के आक्रोश के आगे झुकी सरकार?

इस घटना ने न केवल छात्र संगठनों बल्कि विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया था। हर तरफ से एक ही मांग उठ रही थी— ‘सीबीआई जांच’।

  • पुलिस पर आरोप: शुरुआती जांच में ढिलाई और सबूतों के साथ छेड़छाड़ के संगीन आरोप लगे थे।

  • राजनीतिक दबाव: विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताया था।

अब खुलेगा राज!

सम्राट चौधरी ने अपने पोस्ट में लिखा कि बिहार सरकार ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि वे इस संवेदनशील मामले की जांच अपने हाथों में लें। सीबीआई जांच की सिफारिश होने से अब यह उम्मीद जगी है कि छात्रा की हत्या के पीछे छिपे असली चेहरों को बेनकाब किया जा सकेगा। पटना की सड़कों पर न्याय के लिए उठ रही आवाजें अब शांत तो हुई हैं, लेकिन सबकी निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि सीबीआई इस गुत्थी को कब तक सुलझा पाती है।

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