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Patna News: राजधानी के अशोक राजपथ पर 422 करोड़ रुपये की लागत से बने बिहार के पहले डबल डेकर पुल पर उद्घाटन के महज 53 दिन बाद दरारें दिखाई देने लगी हैं। इससे लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बहुप्रतीक्षित पुल का उद्घाटन 11 जून 2025 को किया था, जिसका उद्देश्य पीएमसीएच, साइंस कॉलेज और पटना यूनिवर्सिटी जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक जाम को कम करना था।
हालांकि, हाल ही में पुल की सड़क सतह पर दरारें दिखने के बाद सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। स्थानीय लोग और विशेषज्ञ इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या यह पुल तकनीकी रूप से सुरक्षित है या नहीं।
इस मुद्दे पर पथ निर्माण विभाग और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (BRPNNL) ने आधिकारिक सफाई दी है। विभाग ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि “यह पुल पूरी तरह सुरक्षित है।”
विभाग के अनुसार, लगातार भारी बारिश के कारण पुल की सतह पर बने डामर की ऊपरी परत में आंशिक स्लिपेज हुआ है। इसका अर्थ यह है कि सड़क की ऊपरी परत थोड़ी खिसकी है या उसमें मामूली दरारें आई हैं, जो कि संरचनात्मक रूप से खतरनाक नहीं हैं। दरारें केवल डामर की सतह तक सीमित हैं और पुल की कुल संरचना पूरी तरह सुरक्षित है।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि जरूरत पड़ने पर मरम्मत कार्य तुरंत किया जाएगा और पुल के उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

