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Health: प्रेग्नेंसी के दौरान दर्द और बुखार के लिए पैरासिटामोल (एसिटामिनोफेन) का सेवन करने वाली महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। एक बड़े अंतरराष्ट्रीय शोध में यह साफ हो गया है कि इस दवा के सेवन से अजन्मे बच्चे में ऑटिज्म (Autism), ADHD या किसी भी तरह की बौद्धिक विकलांगता का जोखिम नहीं बढ़ता है।
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यह अध्ययन उन चिंताओं को भी खारिज करता है जिनमें अक्सर इस दवा को बच्चों के मानसिक विकास के लिए हानिकारक बताया जाता रहा है।
क्यों खास है यह नई स्टडी?
यूके, इटली और स्वीडन के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया यह अध्ययन 43 अलग-अलग रिसर्च का एक सिस्टमैटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस है। इसकी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
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कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं: रिसर्च में पैरासिटामोल और न्यूरोडेवलपमेंटल समस्याओं के बीच कोई ठोस सबूत नहीं मिला।
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अन्य कारक जिम्मेदार: शोधकर्ताओं के अनुसार, पिछली स्टडीज में जो जोखिम बताए गए थे, उनके पीछे मां का तेज बुखार, जेनेटिक कारण या बीमारियां जिम्मेदार हो सकती हैं, न कि स्वयं दवा।
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तुलनात्मक सुरक्षा: पैरासिटामोल की सेफ्टी प्रोफाइल अन्य दर्द निवारकों (जैसे ओपिओइड्स) की तुलना में कहीं बेहतर है, इसीलिए यह WHO की आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल है।
इलाज न करना हो सकता है ज्यादा खतरनाक
सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर अस्मा खलील ने चेतावनी दी है कि पैरासिटामोल से पूरी तरह बचना भी जोखिम भरा हो सकता है। यदि गर्भावस्था में तेज बुखार या गंभीर दर्द का इलाज न किया जाए, तो इससे निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:
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समय से पहले प्रसव (Pre-term birth)
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गर्भपात का खतरा
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शिशु में जन्मजात दोष
विशेषज्ञों का मानना है कि पैरासिटामोल गर्भावस्था के दौरान बुखार और दर्द के प्रबंधन के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प बनी हुई है, बशर्ते इसका उपयोग डॉक्टर की सलाह पर सीमित मात्रा में किया जाए।

