World News: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर विध्वंसक मोड़ ले लिया है। युद्धविराम खत्म होते ही पाकिस्तान ने शुक्रवार देर रात अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों पर एयरस्ट्राइक की, जिसमें आठ लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में अफगानिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के तीन खिलाड़ी भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव गहरा गया है।

दोनों देशों के बीच बीते 48 घंटे के लिए युद्धविराम लागू किया गया था और उम्मीद थी कि इस दौरान दोहा में शांति वार्ता की कोशिशें आगे बढ़ेंगी। हालांकि, आधिकारिक तौर पर किसी तरह की वार्ता की पुष्टि नहीं हुई थी। अचानक हुए इस हमले ने शांति की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

अफगानिस्तान-पाकिस्तान रिश्तों में फिर आई दरार

पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) नामक आतंकी संगठन द्वारा किया जा रहा है। पाकिस्तान की ओर से आरोप लगाया गया कि काबुल प्रशासन इन आतंकियों को संरक्षण दे रहा है। वहीं, अफगानिस्तान सरकार ने पलटवार करते हुए इसे पाकिस्तान की आंतरिक नाकामी बताया और दावा किया कि इस्लामाबाद खुद आईएसआई समर्थित आतंकियों को पनाह देता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से दोनों देशों के रिश्ते लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। उस समय पाकिस्तान ने तालिबान सरकार का समर्थन किया था, लेकिन अब तालिबान ने स्पष्ट किया है कि वह पाकिस्तानी आईएसआई या उसकी रणनीति के अधीन नहीं चलेगा।

भारत-अफगान रिश्ते से चिढ़ा पाकिस्तान

पाकिस्तान की नाराजगी की एक बड़ी वजह अफगानिस्तान और भारत के बीच बढ़ते संबंध भी हैं। हाल ही में अफगानी विदेश मंत्री ने नई दिल्ली का दौरा किया था, जिसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने कड़ा विरोध किया। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान क्षेत्रीय प्रभाव खोने के डर से लगातार अफगानिस्तान पर दबाव बना रहा है।

इस ताजा एयरस्ट्राइक के बाद संयुक्त राष्ट्र और दक्षिण एशिया क्षेत्र में शांति के प्रयासों को गहरा झटका लगा है।

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