Bihar News: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन विपक्षी दलों के भारी हंगामे और नारेबाजी की भेंट चढ़ गया। जैसे ही स्पीकर नंदकिशोर यादव ने सदन की कार्यवाही की शुरुआत की, विपक्षी विधायक खड़े होकर विरोध में शोर मचाने लगे। विपक्षी सदस्य काले कपड़े पहनकर सदन में आए थे और वेल में पहुंचकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे।
हंगामे के बीच स्पीकर और विपक्ष में नोंकझोंक
विपक्ष के इस रवैये पर स्पीकर ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “आप लोग काले-काले कपड़े पहनकर क्यों आ गए हैं, अच्छा नहीं लग रहा है।” इसके बाद भी जब विपक्षी विधायक नहीं माने, तो स्पीकर ने चुटकी लेते हुए कहा, “इतनी नारेबाजी करोगे तो गला बझ जाएगा, चुनाव में कैसे नारा लगाओगे?”
स्पीकर की अपीलों के बावजूद हंगामा जारी रहा, जिसके बाद उन्होंने मार्शल को विपक्षी विधायकों के हाथ से प्लेकार्ड और पोस्टर छीनने का आदेश दे दिया। देखते ही देखते मार्शलों ने वेल में मौजूद विधायकों के हाथ से पोस्टर जब्त कर लिए।
सदन के बाहर भी गरमाया माहौल
सदन के भीतर ही नहीं, बल्कि कार्यवाही शुरू होने से पहले सदन के बाहर भी विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। राजद, कांग्रेस और वाम दलों के विधायक विधानसभा के गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने स्पीकर नंदकिशोर यादव को सदन में प्रवेश करने से भी रोकने की कोशिश की। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों की मदद से वे किसी तरह अपने कक्ष तक पहुंच पाए।
मतदाता पुनरीक्षण पर बहस की मांग
दरअसल, विपक्ष की मांग थी कि सदन में मतदाता पुनरीक्षण (Voter List Revision) जैसे गंभीर विषय पर बहस कराई जाए। उनका आरोप है कि राज्य में मतदाता सूची में व्यापक गड़बड़ी हुई है और सरकार इस मुद्दे को टाल रही है। इसी बात को लेकर विपक्षी दल आक्रोशित हैं और सदन के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
सरकार पर हमलावर विपक्ष
राजद, कांग्रेस और वाम दलों के विधायकों ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को दबाया जा रहा है। सदन में विपक्ष की आवाज को सुनने के बजाय उसे दबाने की कोशिश की जा रही है।
राजनीतिक माहौल गर्म
बिहार की राजनीति मानसून सत्र के साथ ही गरमा गई है। जहां सरकार अपना पक्ष रखने की कोशिश कर रही है, वहीं विपक्ष सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है। आने वाले दिनों में सदन में और तीखी बहस और टकराव की आशंका जताई जा रही है।



