Patna News: राजधानी पटना के फेफड़े कहे जाने वाले संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना चिड़ियाघर) में गुरुवार को एक अलग ही रौनक देखने को मिली। सीएम नीतीश कुमार ने उद्यान का सघन भ्रमण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान चिड़ियाघर घूमने आए आम लोगों और बच्चों के लिए यह एक सुखद आश्चर्य था। सीएम ने न केवल लोगों का अभिवादन स्वीकार किया, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण और पर्यटकों की सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को कई कड़े निर्देश भी दिए।
जेब्रा के शावक का नाम रखा ‘समृद्धि’
सीएम के इस भ्रमण का सबसे खास पल वह था जब उन्होंने हाल ही में जन्मे जेब्रा के नवजात बच्चे को देखा। पटना जू के इतिहास में लगभग 17 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद जेब्रा के बच्चे का जन्म हुआ है। सीएम ने इस नन्हे मेहमान का नाम ‘समृद्धि’ रखा। उन्होंने कहा कि 17 साल बाद जेब्रा के बच्चे का जन्म होना इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार द्वारा वन्यजीवों के स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए किए जा रहे प्रयास सफल हो रहे हैं। यह पटना जू के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
टॉय ट्रेन और मास्टर प्लान
भ्रमण के दौरान सीएम ने उद्यान के मास्टर प्लान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मास्टर प्लान के तहत चल रहे कार्यों में तेजी लाई जाए। साथ ही, उन्होंने बच्चों के बीच बेहद लोकप्रिय रहने वाली ‘टॉय ट्रेन’ को जल्द से जल्द दोबारा शुरू करने का आदेश दिया। सीएम ने कहा, “हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक स्कूली छात्र यहां आएं, ताकि वे पर्यावरण और वन्यजीवों के प्रति जागरूक हो सकें। उनके लिए यहां भ्रमण को शिक्षाप्रद और सुविधायुक्त बनाया जाए।”
23 लाख सैलानियों की पसंद है पटना जू
बता दें कि 153 एकड़ में फैला यह चिड़ियाघर देश के सबसे महत्वपूर्ण जैविक उद्यानों में से एक है। यहां 93 प्रजातियों के 1122 से अधिक वन्यजीव रहते हैं, जिनमें 10 गैंडा, 200 से अधिक घड़ियाल और 6 जिराफ मुख्य आकर्षण हैं। प्रतिवर्ष यहां 23 लाख से अधिक पर्यटक आते हैं। सीएम ने जू के 80 प्रतिशत हिस्से में मौजूद हरियाली की सराहना की और हाल ही में कैबिनेट द्वारा गठित ‘सोसायटी’ के माध्यम से प्रबंधन को और बेहतर बनाने की बात कही। भ्रमण के दौरान सीएम ने मछलीघर, बोटैनिकल गार्डन और नौकायन सुविधाओं का भी निरीक्षण किया।



