बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट; दिल्ली में तय हुई मंत्रियों की लिस्ट!
बिहार चुनाव में 202 सीटों की ऐतिहासिक जीत के बाद नीतीश कुमार ने दिल्ली में पीएम मोदी और अमित शाह से मुलाकात की। खरमास के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और विकास पर चर्चा।
Patna News: बिहार विधानसभा चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद सूबे की सियासत का केंद्र सोमवार को पटना से शिफ्ट होकर दिल्ली पहुंच गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के साथ प्रधानमंत्री आवास पहुंचे। चुनाव नतीजों के बाद यह नीतीश कुमार का पहला दिल्ली दौरा है, जिसे केवल एक औपचारिक मुलाकात कहना गलत होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ करीब एक घंटे तक चली इस गुफ्तगू के पीछे बिहार के प्रशासनिक ढांचे और राजनीतिक भविष्य की नई पटकथा लिखी गई है।
खरमास के बाद बढ़ेगा कैबिनेट का कुनबा; 11 नए चेहरे होने जा रहे शामिल
सूत्रों की मानें तो इस मुलाकात का सबसे बड़ा एजेंडा बिहार मंत्रिमंडल का विस्तार रहा। फिलहाल नीतीश कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत 25 मंत्री हैं, जबकि संख्या 36 तक जा सकती है। यानी 10 से 11 नए मंत्रियों के लिए जगह खाली है। चर्चा है कि खरमास (14 जनवरी) के बीतते ही शपथ ग्रहण समारोह होगा। इस विस्तार में भाजपा और जदयू दोनों ही दल जातीय समीकरणों के साथ-साथ 2026 के राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों को ध्यान में रखकर अपने प्यादे सेट करेंगे।
अमित शाह के घर पर बनी रणनीतिक बढ़त; बजट से पहले मांगा ‘स्पेशल पैकेज’
प्रधानमंत्री से मिलने से पहले नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर लंबी चर्चा की। चूंकि भाजपा ने हाल ही में नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और संजय सरावगी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर संगठन में बड़े बदलाव किए हैं, ऐसे में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल पर भी बात हुई। चुनावी वादों को पूरा करने के लिए नीतीश कुमार ने आगामी केंद्रीय बजट से पहले बिहार के लिए विशेष आर्थिक मदद और विकसित राज्य बनाने के रोडमैप पर भी जोर दिया है।
जदयू के सदस्यता अभियान और दिल्ली की सक्रियता
नीतीश कुमार अपने इस दौरे पर दिल्ली में मौजूद जदयू नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे। पार्टी इन दिनों बड़े पैमाने पर सदस्यता अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री खुद इसकी समीक्षा करेंगे ताकि आगामी चुनावों से पहले सांगठनिक ढांचा और मजबूत हो सके। 202 सीटों की प्रचंड जीत के बाद नीतीश कुमार अब ‘दसवीं बार’ के मुख्यमंत्री के रूप में अधिक आत्मविश्वास के साथ केंद्र के सामने बिहार की मांगों को रख रहे हैं।