Bihar News: बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने समाज के विभिन्न वर्गों के विकास के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए उच्च जाति आयोग और अनुसूचित जनजाति आयोग के गठन की घोषणा की है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।

उच्च जाति आयोग का गठन राज्य में सवर्ण जातियों की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है। इस आयोग में कुल पांच पदाधिकारी होंगे—एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन सदस्य।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री महाचंद्र प्रसाद सिंह को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता राजीव रंजन प्रसाद को उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, दयानंद राय, जयकृष्ण झा और राजकुमार सिंह को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है।

इन सभी पदाधिकारियों का कार्यकाल तीन वर्षों के लिए निर्धारित किया गया है। आयोग सामाजिक सर्वेक्षण, कल्याण योजनाओं की समीक्षा और सवर्ण समुदाय से जुड़े मुद्दों पर सरकार को सुझाव देगा।

इसके साथ ही राज्य सरकार ने अनुसूचित जनजाति आयोग का भी गठन किया है, जो आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा और उनके विकास के लिए काम करेगा।

सरकार के इस फैसले को सामाजिक संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे समाज के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व और न्याय मिल सकेगा।

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