Jamshedpur news: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर प्राउटिष्ट यूनिवर्सल, जमशेदपुर की ओर से शुक्रवार को एक भव्य पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा साकची गोल चक्कर से शुरू होकर आम बागान पहुंची, जहां नेताजी की प्रतिमा पर क्रमवार माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने नेताजी के विचारों, उनके संघर्ष और राष्ट्र के लिए दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

सभा को संबोधित करते हुए प्राउटिष्ट गंगाधर दत्ता एवं आशा देवी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे देश की पूर्ण आर्थिक आजादी के प्रबल पक्षधर थे। उन्होंने कहा कि भारत को राजनीतिक स्वतंत्रता तो मिली, लेकिन आर्थिक स्वतंत्रता का लक्ष्य आज भी अधूरा है। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि नेताजी की सोच, उनकी दूरदृष्टि और उनकी परिकल्पनाओं के अनुरूप चलकर ही देश सशक्त बन सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि नेताजी का मानना था कि एक सच्चे सैनिक के लिए केवल सैन्य प्रशिक्षण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक प्रशिक्षण भी उतना ही आवश्यक है। नेताजी के व्यक्तित्व में सैन्य अनुशासन और आध्यात्मिकता का अद्भुत संतुलन देखने को मिलता था, जिसने उन्हें एक महान नेता और प्रेरणास्रोत बनाया। कार्यक्रम में नेताजी के इसी समग्र दृष्टिकोण को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम को सफल बनाने में गंगाधर दत्ता, सोमा दत्ता, रोहित कुमार गोराई, कार्तिक महतो, आशा देवी, रूपा देवी, शंकर जमुदा, जय नारायण सिंह, गणेश प्रसाद तथा देवव्रत दत्ता सहित अनेक कार्यकर्ताओं का सक्रिय सहयोग रहा।

Share.
Exit mobile version