India News: भारत सरकार देश के नेशनल हाइवेज को एक अभूतपूर्व रियल टाइम डिजिटल ग्रिड में बदलने की तैयारी कर रही है। सरकार ने साफ कहा है कि आने वाले समय में देश की सड़कें सिर्फ यात्रा का माध्यम नहीं रहेंगी, बल्कि ये देश की सबसे बड़ी और रियल टाइम डेटा फीड देने वाली डिजिटल नेटवर्क लाइन बनेंगी। इस विशाल ग्रिड पर हर गाड़ी, हर घटना, हर स्पीड और हर टोल ट्रांजैक्शन का रियल टाइम रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे मोबिलिटी और सुरक्षा का परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा।

इसी महत्वाकांक्षी दिशा में सड़क परिवहन मंत्रालय देश के सभी फोर लेन और उससे ऊपर के हाइवेज पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाने जा रहा है। यह सिस्टम पहले कुछ हाई ट्रैफिक रूट पर चल रहा था, लेकिन अब पहली बार इसे पूरे नेशनल हाइवे नेटवर्क में फैलाया जाएगा।

दुर्घटना की रिपोर्टिंग अब इंसान पर नहीं, टेक्नोलॉजी पर निर्भर

ATMS कोई साधारण कैमरा सिस्टम नहीं है; यह इंटेलिजेंट मोबिलिटी कॉरिडोर की नींव है। इसमें गैंट्री पर लगे सेंसर्स, स्पीड डिटेक्शन कैमरे और इंटेलिजेंट वीडियो एनालिटिक्स शामिल हैं। जैसे ही किसी हाईवे पर दुर्घटना, तेज स्पीड, खराब गाड़ी, गलत दिशा में चलने वाला वाहन या अवैध पार्किंग जैसी कोई घटना नज़र आती है, सिस्टम उसे खुद ही डिटेक्ट कर देता है।

इससे ऑन ग्राउंड टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच जाती हैं और रेस्क्यू में देरी नहीं होती। भारत में पहली बार हाईवे इतने डिजिटल तरीके से निगरानी में होंगे।

बिना रुकावट टोल भुगतान: मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम

सरकार मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग भी लागू करने जा रही है। इसका मतलब है कि टोल प्लाजा पर रुकने की ज़रूरत नहीं होगी। ताकतवर कैमरे और नंबर प्लेट पहचानने वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आपके टोल को बिना रोके काट देगी। फास्टैग और एएनपीआर (ANPR) को मिलाकर एक हाइब्रिड सिस्टम बनेगा जिसमें बैरियर की ज़रूरत नहीं होगी। अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो पूरे देश में ड्राइवर को टोल के लिए कहीं रुकना नहीं पड़ेगा।

यह प्रोजेक्ट सिर्फ ट्रैफिक मैनेजमेंट तक सीमित नहीं है। इसका लक्ष्य एक इंटेलिजेंट मोबिलिटी कॉरिडोर बनाना है जहाँ हर मिनट का डेटा गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग और सबसे महत्वपूर्ण, रोड सेफ्टी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह दुनिया के सबसे बड़े लाइव रोड डेटा नेटवर्क में से एक बन सकता है, जिससे रोड फेटलिटी कम होगी, ट्रैफिक जाम घटेगा और हाईवे ड्राइविंग बेहद स्मूद हो जाएगी।

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