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Patna News: रोजी-रोटी की तलाश में बिहार से सात समंदर पार नहीं, बल्कि देश के दूसरे राज्यों में गए मजदूरों के लिए शुक्रवार का दिन काल बनकर आया। महाराष्ट्र के नागपुर स्थित बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में एक सोलर पैनल निर्माण फैक्ट्री में पानी की टंकी फटने से भीषण हादसा हो गया।
मजदूरी करने गए थे पर लौटेंगी लाशें; नागपुर फैक्ट्री हादसे ने छीनी बिहार के 6 बेटों की सांसें
इस दर्दनाक घटना में बिहार के रहने वाले 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस हादसे की खबर मिलते ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है।
रखरखाव में चूक और अचानक आई मौत: मुजफ्फरपुर-चंपारण में मातम
शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि फैक्ट्री में पानी की टंकी के रखरखाव में भारी लापरवाही बरती गई थी। शुक्रवार को जब मजदूर अपने काम में व्यस्त थे, तभी अचानक विशालकाय टंकी फट गई और वहां मौजूद लोग मलबे और पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। जान गंवाने वाले मजदूर बिहार के मुजफ्फरपुर और पश्चिम चंपारण जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इन गांवों में जैसे ही हादसे की खबर पहुंची, परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया।
सीएम नीतीश का बड़ा एक्शन: मुआवजे और शवों को लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर दुख जताते हुए मृतक मजदूरों के आश्रितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में बिहार के स्थानीय आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे तुरंत स्थिति का जायजा लें और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करें। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी मृत मजदूरों के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव तक पहुंचाने का इंतजाम किया जाए।
नागपुर पुलिस फिलहाल फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका की जांच कर रही है। यह सवाल भी उठ रहे हैं कि औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की गई? फिलहाल, बिहार सरकार और प्रशासन महाराष्ट्र सरकार के संपर्क में है ताकि पीड़ित परिवारों को हर संभव कानूनी और आर्थिक सहायता मिल सके।

